जन्मदिन विशेष :अटल बिहारी वाजपेयी का वो भाषण जिसमें दिया कारसेवकों को बाबरी मस्जिद तोड़ने का संकेत

जन्मदिन विशेष :अटल बिहारी वाजपेयी का वो भाषण जिसमें दिया कारसेवकों को बाबरी मस्जिद तोड़ने का संकेत
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आज भारत के पुर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मदिन है। 25 दिसंबर को भारत रत्न पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी 92 वर्ष के हो रहे है। केंद्र सरकार अटल के जन्मदिन को गुड गर्वनेंस डे के तौर पर मना रही है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर उनकों ट्वीट कर बधाई दी है। अटल बिहारी को भारतीय राजनीति में एक ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिनका सभी दल सम्मान करते थे।  यूं तो  यह वाजपेयी के व्यक्तित्व का ही सम्मोहन था कि बीजेपी के साथ उस समय नए सहयोगी दल जुड़ते गए, जब बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद दक्षिणपंथी झुकाव के कारण उस जमाने में बीजेपी को राजनीतिक रूप से अछूत माना जाता था।

लेकिन उसी दौर में राजनीति के सबसे खिलाड़ी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण आप सुनकर अंदाजा लगा सकते हैं उनकी शख्सियत का एक स्याह पहलू भी था जिसको नजरअंदाज किया जाता है। जब देश में बाबरी मस्जिद के नाम पर नफऱत का इंधन फैलाया जा रहा है उस दौर में ये राजनेता उस इंधन में अपने भाषणो के जरिये माचिस की तिली लगाने की कोशिश कर रहा था। हालांकि उनके भड़काउ बयानों के बाद जब कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद गिरा दी तो उन्होंने इसे काला दिन भी करार दिया था।

वाजपेयी ने कहा था ‘यज्ञ का आयोजन, भजन कीर्तन होगा, इसके लिए जमीन को समतल करना पड़ेगा’. वाजपेयी ने यह भाषण 5 दिसंबर 1992 की शाम लखनऊ में दिया गया था. मंच पर उस समय उनके साथ आडवाणी भी दिखाए दे रहे हैं और उस दौरान वहां पर हजारो कार्यकर्ता मौजूद थे जो अयोध्या की ओर जाने की तैयारी में थे। देखें वीडियो

https://youtu.be/IuMnPJEpNGI?t=5

 

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