जन्मभूमि आंदोलन स्वतंत्रता के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन- अमित शाह

जन्मभूमि आंदोलन स्वतंत्रता के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन- अमित शाह
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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को आशा व्यक्त की कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आंदोलन के परिणामस्वरूप “संस्कृति की जीत” होगी और लोकतंत्र में हमेशा लोगों की भावनाएं जीतती।

उन्होंने एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी मंदिर के जल्द निर्माण पर फिर से बल दिया और कहा कि समाज को जल्द ‘न्याय’ दिए जाने की जरूरत है।

शाह ने राम जन्मभूमि आंदोलन को स्वतंत्रता के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन बताया जिसने समाज के सभी वर्गों को छू लिया।। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस मुद्दे पर ज्यादा बात नहीं करेंगे। उनका इशारा उच्चतम न्यायालय में चल रही सुनवाई के संबंध में था।

शाह ने कहा कि छह सदी पहले अयोध्या में मंदिर ध्वस्त होने के बाद से ही लोगों का आंदोलन चल रहा था और यह तब तक जारी रहेगा ‘जब तक कि संस्कृति की जीत नहीं हो जाती।

उन्होंने कहा, ‘लोगों की भावनाएं हमेशा लोकतंत्र में जीतती हैं, और मुझे विश्वास है कि यह आंदोलन इसी दिशा में जाएगा। भागवत ने कल जल्द मंदिर के निर्माण पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि मंदिर के निर्माण से समाज के समुदायों के बीच विवाद के कारणों में से एक समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने गुरूवार को कहा, “हमें न्याय जल्दी देना होगा. इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। समाज सर्वोच्च है।” वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा द्वारा लिखी गयी दो पुस्तकें ‘‘अयोध्या का चश्मदीद’’ और ‘‘युद्ध में अयोध्या’’ के विमोचन के मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह संतोषजनक होगा अगर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी धर्मों के अनुयायी मिलकर काम करें।

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