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जमात ए इस्लामी ने पुरे मुल्क में शराब पर पाबंदी लगाने की मांग की:

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जमात-ए-इस्लामी हिंद ने पूरे मुल्क में शराब पर बैन लगाने की सिफारिश की है। इस तंजीम ने तर्क दिया है कि इससे सेक्शुअल क्राइम को रोका जा सकेगा। यही नहीं जमात-ए-इस्लामी ने जूवेनाइल की उम्र सीमा घटाने के फैसले को भी सही ठहराया है।

तंजीम का कहना है कि हुकूमत को जूवेनाइल अपराधों को सामाजिक मुश्किलात के तौर पर देखना चाहिए। इसे रोकने के लिए जड़ों पर हमला करना जरूरी होगा।तंजीम ने कहा कि शराब पर बैन लगाने से कम उम्र में लोगों को बिगड़ने से बचाया जा सकेगा और सेक्शुअल क्राइम पर लगाम कसी जा सकेगी।

जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रेजिडेंट सैयद जलालुद्दीन उमरी ने कहा, ’22 दिसंबर को राज्यसभा में जूवेनाइल जस्टिस बिल को मंजूरी दी गई। जमात इस बिल का इस्तकबाल करती है, लेकिन हमारा मानना है कि सिर्फ कानून और सजा देने से ही क्राइम को खत्म नहीं किया जा सकता।

सेक्शुअल क्राइम को रोकने के लिए कड़ी सजा देना ही सिर्फ एक रास्ता नहीं है।’सैयद जलालुद्दीन उमरी ने कहा कि इस मुश्किल की जड़ें सामाजिक हैं। इससे सामाजिक तौर पर भी निपटने की कोशिशें की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जमात इस बात में यकीन करती है कि क्राइम फिरि समाज समाज के लोगों के जरिए ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शराब पीने और सेक्शुअल क्राइम के बीच सीधा ताल्लुकात है। उन्होंने कहा कि जमात पूरे देशमें शराब पर बैन लगाने की मांग करती है।

सैयद उमरी ने कहा कि जमात मुआशरे की भी जिम्मेदारी है कि क्राइम पर काबू पाने के लिए हर तरह की बेदारी लाये उन्होंने मांग की कि बिना किसी सबूतों के अलग अलग क्राइम में जेल में बंद किए गए मुस्लिम नौजवानों को तत्काल रिहा किया जाए।

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