जमाल ख़ाशुक़जी हत्या: संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम को रोक पाना सऊदी अरब के लिए मुमकिन नहीं!

जमाल ख़ाशुक़जी हत्या: संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम को रोक पाना सऊदी अरब के लिए मुमकिन नहीं!

संयुक्त राष्ट्र संघ ने सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या की जांच के लिए कोलंबिया विश्वविद्यालय की एग्नीस केलामार्ड के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की 3 सदस्यीय टीम गठित कर दी जो अगले सप्ताह तुर्की का दौरा करेगी।

अलजज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार कार्यालय का कहना था कि अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों पर आधारित टीम सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी ही हत्या की जांच करेगी।

संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार एग्नीस केलामार्ड के साथ जांच टीम में हेलीना कैनेडी और डोवारटे नोनो वेरा भी होंगे।
जमाल ख़ाशुक़जी हत्या: संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम को रोक पाना सऊदी अरब के लिए मुमकिन नहीं! 1
Parstoday.com पर छपी खबर के मुताबिक, जांच टीम 28 जनवरी से 3 फ़रवरी तक तुर्की का दौरा करेगी। संयुक्त राष्ट्र संघ की जांच टीम में शामिल हेलीना कैनेडी प्रसिद्ध ब्रिटिश वकील हैं और वह हाउस लार्डज़ की सदस्य भी हैं।

ज्ञात रहे कि संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने पिछले सप्ताह कहा था कि जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या की जांच शुरु करने की अथार्टी उनके पास नहीं है और किसी देश की ओर से इस हवाले से जांच के लिए आधिकारिक अपील भी नहीं की गयी।

सऊदी पत्रकार ख़ाशुक़जी को 2 अक्तूबर 2018 को इस्तांबुल स्थित सऊदी कांसूलेट में बहुत ही निर्मम तरीक़े से क़त्ल कर दिया गया था। तुर्क सरकार और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए का कहना है कि उनके पास इस बात के पुख़्ता सुबूत हैं कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश दिया था।

विश्व समुदाय के भारी दबाव के बाद सऊदी शासन ने 22 लोगों को ख़ाशुक़जी की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है। निःसंदेह यह लोग इस जघन्य अपराध में शामिल रहे होंगे, लेकिन यह अदालती कार्यवाही मुख्य आरोपी मोहम्मद बिन सलमान को बचाने और सऊदी अरब से विश्व समुदाय के दबाव को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।

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