Saturday , September 22 2018

कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस: डर में जी रहा है पीड़िता का परिवार, शहर को छोड़ा!

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में इसी साल जनवरी को 8 साल की बच्ची के साथ हुई बर्बरता ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस बीच खबर है कि कठुआ के रसाना गांव में रहने वाला पीड़िता का परिवार मंगलवार को डर के चलते गांव छोड़कर जा चुका है। उसके घर में ताला लगा हुआ है। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक रसाना गांव में जंगल के बीचो-बीच ये इकलौता पक्का घर है।

जहां असिफा अपने परिवार के साथ रहती थी। इस बात की खबर किसी को नहीं है कि आखिर असिफा कहां गया है। आसिफा के पिता मुहम्मद यूसुफ पुरवाला अपनी पत्नी, दो बच्चे और पशुओं को लेकर किसी अज्ञात जगह पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि बार असोसिएशन द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच प्रक्रिया में सवाल उठाते हुए विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल के चलते बच्ची का परिवार दहशत में था।

बताया जा रहा है कि सांझी राम ने मासूम आसिफा के साथ गैंगरेप का खेल रचा है जोकि राजस्व विभाग का पूर्व अधिकारी है। उसने ही मासूम का अपहरण करके उसे मंदिर में उसे बंधक बनाकर रखा। जिसके बाद उसने रेप किया। उसके साथ उसका बेटा विशाल और नाबालिग भतीजा भी है। इस आरोप पत्र में कई पुलिस वालों के नाम भी शामिल हैं।

इनमें स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया और सुरिंदर कुमार को पुलिस ने अरेस्ट किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने लड़की की हत्या के पहले दीपक खजुरिया को फोन किया तो उसने कहा कि थोड़ा इंतजार करो मुझे भी अपनी हवस बुझानी है।

इतना ही नहीं इस मामले में हेड कांस्टेबल तिलक राज और सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। दरअसल दत्ता पहले इस मामले के जांच अधिकारी थे।

गौरतलब है कि क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच रिपोर्ट में सामने आया 12 जनवरी को विशाल जंगोत्रा कठुआ के रासना गांव पहुंचा। जिसके बाद वह मंदिर गया जहां भूखे पेट बंधक लड़की को नशे की गोली दी और रेप किया।

विशाल मीरापुर के एक कॉलेज में एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है। विशाल के अलावा रसाना गांव के रहने वाले परवेश कुमार को भी गैंगरेप की साजिश रचने में गिरफ्तार किया गया है। वहीं अभी सूत्रों ने कहा कि जांचकर्ता पुलिसकर्मी ने महत्वपूर्ण सबूतों को खत्म कर दिया था।

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