Tuesday , December 12 2017

जम्मू-कश्मीर पर सरकार की नीतियों पर बरसे यशवंत सिन्हा, कहा सेना कश्मीर से वापस जाय

हैदराबाद : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने सुझाव दिया है कि जम्मू-कश्मीर में सेना को बैरकों में वापस चले जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर हमारी खुद की गलतियों की वजह से पाकिस्तान अनिवार्य तीसरा पक्ष बन गया है. यहां ‘कश्मीर : अब और आगे का रास्ता’ विषय पर एक परिचर्चा में सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में हमारे अपने लोगों से तुरंत बातचीत पर बल दिया. कहा कि वहां पहले ही काफी हिंसा हो चुकी है और सुरक्षा बलों समेत काफी जानें जा चुकी हैं. अब इसे खत्म करने का वक्त आ गया है.

सिन्हा ने कहा कि यह अब सेना की प्राथमिक जिम्मेदारी बन गयी है कि वह जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद के खिलाफ जंग में सबसे आगे रहे. पूर्व मंत्री ने कहा कि वह आंतरिक कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने में सशस्त्र बलों के अत्यधिक इस्तेमाल के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा,“अब स्थिति है कि सेना वापस बैरकों में जाये, अभियान (आतंकवाद के खिलाफ) को सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस पर छोड़ दें.’

उन्होंने कहा, ‘यह लोगों के जेहन पर मरहम की तरह काम करेगा.’ उन्होंने दलील दी कि सीआरपीएफ आतंकवाद को संभालने के लिए पूरी तरह सुसज्जित और प्रशिक्षित है, जैसे वे देश में वामपंथी चरमपंथ से स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर निपट रहे हैं.

उन्होंने कहा, जिस दिन केंद्र वार्ता प्रक्रिया शुरू करने के लिए इच्छा दिखायेगा और घोषणा करेगा कि अमुक व्यक्ति बातचीत करेंगे, राज्य की स्थिति में नाटकीय रूप से सुधार देखने को मिलेगा.’ उन्होंने कहा,‘हमारे अपने लोगों से वार्ता प्रक्रिया शुरू करते हैं. जम्मू और कश्मीर राज्य में हमारे अपने नागरिक. यह वार्ता प्रक्रिया शुरू करने का वक्त है, क्योंकि कोई भी इन्सान हिंसा नहीं चाहता. लोग शांति चाहते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘भविष्य में किसी वक्त हमें पाकिस्तान से बातचीत करनी होगी, लेकिन यह हमें जम्मू-कश्मीर में अपने लोगों के साथ वार्ता प्रक्रिया शुरू करने से नहीं रोक सकती. हमें पाकिस्तान को उसका यह वादा पूरा करवाना होगा कि वह आतंक और हिंसा का निर्यात बंद करेगा.’

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