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जम्मू-कश्मीर: मारे गए आतंकी बुरहान वानी की बरसी, इंटरनेट बंद

श्रीनगर। हिजबुल आंतकी बुरहान वानी के इन्काउंटर को शनिवार 8 जुलाई को एक साल पूरा हो जाएगा और कुछ अलगाववादी गुटों द्वारा उसकी बरसी मनाने की ख़बरों के बीच घाटी में तनाव बढ़ गया है। अलगाववादियों ने एक हफ्ते तक विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी कमर कस ली है।

इसके तहत गुरुवार रात से अगले आदेश तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और सोशल मीडिया साइट्स को बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं आज जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते श्रीनगर के कम से कम 7 थानाक्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सभी अलगाववादी नेताओं को घरों मे नजरबंद किया गया है जबकि जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक कों सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। ये भी पढ़ें: भारत और चीन में बढ़ी तल्खियां, जानिए किसके पास है कितनी ताकत

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक मुनीर अहमद खान के अनुसार आतंकी कमांडर बुरहान की बरसी पर संभावित हिंसा को देखते हुए घाटी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाते हुए 21 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है।

वीरवार रात को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई और ब्राडबैंड सेवा की गति को भी काफी सीमित कर दिया गया। इसके अलावा बनिहाल-बारामुला रेल सेवा को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। उत्तरी कश्मीर के पांच थाना क्षेत्रों के अलावा दक्षिणी कश्मीर के भी कई क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। ये सभी पाबंदियां सात और आठ जुलाई तक लागू रहेंगी।

उधर जम्मू में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आतंकी व अलगाववादी संगठनों ने आतंकी बुरहान की आठ जुलाई को पहली बरसी पर कश्मीर में हफता-ए-शौहदा मनाने का एलान करते हुए लगातार हड़ताल, त्राल चलो और देश विरोधी रैलियों का आह्वान किया है।

मुनीर अहमद खान के अनुसार आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमले की भी साजिश रची है। इसी के मद्देनजर उदारवादी हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और कट्टरपंथी सैयद अली शाह गिलानी समेत सभी प्रमुख अलगाववादी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद करने के अलावा सभी नामी पत्थरबाजों और अलगाववादी संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की धरपकड़ की जा रही है।

दक्षिण कश्मीर के त्राल, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग व अलावा उत्तरी कश्मीर के सोपोर, अजस, बांडीपोर, बारामूला पट्टन के साथ श्रीनगर के डाउन-टाउन में सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा दी गई है।

श्रीनगर में आने वाले सभी रास्तों व त्राल जाने वाली सड़कें भी सील की गई हैं। सीआरपीएफ, सेना और राज्य पुलिस के जवानों के संयुक्त कार्यदल आतंकियों के प्रभाव वाले इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

नागरिक सचिवालय, रेडियो स्टेशन, दूरदर्शन केंद्र श्रीनगर, एमएलए हॉस्टल समेत राज्य व केंद्र सरकार के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को चाकचौबंद बनाया गया है।

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