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जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के साथ इत्तेहाद का सवाल ही पैदा नहीं होता

श्रीनगर: नेशनल कान्फ़्रेंस क़ाइद-ओ-साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर जम्मू-कश्मीर उमर अब्दुल्लाह ने आज बीजेपी के साथ जम्मू-कश्मीर में तशकील हुकूमत के लिए किसी भी इत्तेहाद से इमकानात को मुस्तरद कर दिया जबकि उनके वालिद फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने अपने कल के बयान से दसतबरदारी इख़तियार करली और कहा कि उन्होंने ऐसे किसी इमकान की तजवीज़ पेश नहीं की थी।

नेशनल कान्फ़्रेंस के कारगुज़ार सदर उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि इनकी पार्टी इक़्तेदार की भूकी नहीं है और ऐसा कोई नज़रियाती समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ़्रेंस इक़्तेदार की भूकी नहीं और ऐसे सियासी इक़्तेदार में कोई दिलचस्पी नहीं रखती जो नज़रियाती समझौता की वजह से हासिल होता हो।

उन्होंने एक साल क़बल बीजेपी के साथ इत्तेहाद के इमकानात को मुस्तरद कर दिया था और ऐसा करने की वजूहात हुनूज़ बरक़रार हैं। अपने सरकारी फेसबुक के सफ़ा पर उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के बयानात एक फ़र्ज़ी सवाल के जवाब में दिए गए थे जिसकी बुनियाद एक फ़र्ज़ी सूरत-ए-हाल पर थी।

उन्होंने ये कभी नहीं कहा कि उनकी हुकूमत बीजेपी की ताईद करेगी। उन्होंने सिर्फ ये कहा कि अगर ऐसी कोई दरख़ास्त या तजवीज़ बीजेपी की जानिब से वसूल होती है तो वो इसको पार्टी की मजलिस-ए-आमला में अमल से पहले पेश किया जाएगा। दरीं असनाए फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने अपने कल के बयान से दसतबरदारी इख़तियार करली और असेम्बली की तहलील और ताज़ा इंतेख़ाबात के इनीक़ाद का मुतालिबा किया।

उन्होंने कहा कि अगर मख़लूत इत्तेहाद के शुरका पीडीपी और बीजेपी जम्मू-कश्मीर में हुकूमत तशकील देने से क़ासिर रहें तो रियासती असेम्बली तहलील कर के ताज़ा असेम्बली इंतेख़ाबात मुनाक़िद किए जाने चाहिए। वो एक तक़रीब के दौरान अलाहदा तौर पर प्रेस कान्फ़्रेंस से ख़िताब कर रहे थे।

उन्होंने उनके बयान पर तबसरे की ख़ाहिश पर जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर बीजेपी रियासत में हुकूमत तशकील देने के लिए उनसे रब्त पैदा करती है तो ‘ उनके दरवाज़ा खुले थे उन्होंने कहा कि उन्होंने ये कभी नहीं कहा कि इनकी पार्टी बीजेपी के साथ इत्तेहाद करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ ये कहा था कि पीडीपी को बी जे पी के साथ इत्तिहाद करना चाहिए क्योंकि उनके पास दरकार अक्सरीयत मौजूद है। फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि उन्होंने सिर्फ ये कहा था कि इनकी पार्टी मजलिस-ए-आमला में ऐसी किसी बात पर तबादला-ए-ख़्याल कर सकती है।

फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि इनकी पार्टी के15 अरकान असेम्बली हैं और उनके साथ हुकूमत तशकील नहीं दी जा सकती। अगर कोई हुकूमत तशकील देने का फ़ैसला करना हो तो हमें मज़ीद अफ़राद की ज़रूरत होगी। फ़ारूक़ ने कहा कि वो फ़ैसले करने वाली शख़्सियत नहीं है फ़ैसले करने हाईकमान का काम है।

उन्होंने सिर्फ मख़लूत इत्तेहाद के हलीफ़ों बीजेपी और पीडीपी को अपने इख़्तेलाफ़ात दूर करने और मज़ीद ताख़ीर के बग़ैर हुकूमत तशकील देने का मश्वरा दिया था। क्योंकि सरहदी रियासत में तात्तुल की कैफ़ीयत नामुनासिब है। आज के अख़बारात में फ़ारूक़ अब्दुल्लाह का बयान शाय हुआ था जिसमें उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी तशकील हुकूमत के लिए नेशनल कान्फ़्रेंस से रब्त पैदा करें तो इस पर ग़ौर किया जाएगा|

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