Saturday , August 18 2018

जम्मू-कश्मीर में हमले मुम्किन, फ़ौजी ओहदेदार का इंतेबाह

नगरोटा

नगरोटा

पाकिस्तान में मौजूद अस्करियत पसंद हिन्दुस्तान में घुस कर जम्मू-कश्मीर में आसान निशानों जैसे स्कूल्स, मज़हबी मुक़ामात और अवामी मुक़ामात को निशाना बना सकते हैं। फ़ौज के आला ओहदेदार ने ख़बरदार किया कि सदर अमरीका बारक ओबामा के दौरे से क़बल अस्करीयत पसंद इस तरह की कार्रवाई करसकते हैं।

जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 16 कौर लेफ्टेनेंट‌ जनरल के एच सिंह ने मौसूला इत्तेलाआत की बुनियाद पर ये बात कही। जैश मुहम्मद और हिज़्बुल-मुजाहिदीन के पाँच अस्करियत पसंदों को जुनूबी कश्मीर के शोपियाँ ज़िला में लड़ाई के दौरान हलाक किए जाने के बाद मिलने वाली इत्तेलाआत की बुनियाद पर उन्होंने ख़बरदार किया।

जनरल सिंह ने कहा कि तकरीबन 200 मुसल्लह अस्करियत पसंद लाग‌ आफ़ कंट्रोल के उस पार 36 मुक़ामात से वादी में घुसने का मंसूबा बनारहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दहशतगर्द तनज़ीमों की सरगर्मियों को सरहद की इस जानिब मोड़ सकता है। आम इत्तेलाआत ये है कि अस्करीयत पसंद आसान निशानों जैसे स्कूल्स, मज़हबी मुक़ामात, फ़ौजी क़ाफ़िला और अवामी मुक़ामात पर हमला करसकती हैं। उन्होंने कहा कि फ़ौज अस्करियत पसंद तनज़ीमों के नापाक अज़ाइम को नाकाम बनाने केलिए पूरी तरह तैयार है।

TOPPOPULARRECENT