Friday , December 15 2017

जया ललिता बिलआख़िर (आखिरकार)अदालत के सामने हाज़िर

बैंगलौर 21 अक्टूबर ( पी टी आई) चीफ़ मिनिस्टर तामिलनाडू जया ललिता आज सुबह ख़ुसूसी तय्यारे के ज़रीया एक दुहा पुराने ग़ैर मह्सूब असासा जात के केस के सिलसिला में बैंगलौर पहुँचीं और अदालत में हाज़िर हुईं।

बैंगलौर 21 अक्टूबर ( पी टी आई) चीफ़ मिनिस्टर तामिलनाडू जया ललिता आज सुबह ख़ुसूसी तय्यारे के ज़रीया एक दुहा पुराने ग़ैर मह्सूब असासा जात के केस के सिलसिला में बैंगलौर पहुँचीं और अदालत में हाज़िर हुईं।

इन के ख़िलाफ़ ग़ैर मह्सूब असासा जात केस की समाअत जारी है। जया ललिता चेन्नाई से ख़ुसूसी तय्यारे के ज़रिये यहां पहुँचीं और उन का तय्यारा हिंदूस्तान एरोनॉटिक्स लिमीटेड एअरपोर्ट पर लैंड किया।

यहां से फ़ौरी वो शहर के मुज़ाफ़ात में वाक़्य अदालत में हाज़िर हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने कल उन्हें हिदायत दी थी कि वो बैंगलौर अदालत में हाज़िरी दें। ख़ुसूसी कोर्ट के सामने हाज़िर होने से उन्हें इस्तिस्ना देने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दरख़ास्त दाख़िल की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने उन के ख़िलाफ़ केस की समाअत को मुल्तवी करने के लिए उन की दरख़ास्त मुस्तर्द करदी और कहा कि वो ख़ुसूसी अदालत के सामने हाज़िर हो जाएं। जया ललिता ने अपने मुक़द्दमा की समाअत की कार्रवाई का मुक़ाम तबदील करने की भी कोशिश की और इस सिलसिला में दरख़ास्त दाख़िल करते हुए अदालत-ए-आलिया से इल्तिजा की थी कि केस की कार्रवाई को जाकर एअरपोर्ट के क़रीब शुरू करवाईं।

लेकिन उन की दरख़ास्त को सुप्रीम कोर्ट और ख़ुसूसी अदालत ने लम्हा आख़िर में मुस्तर्द कर दिया था। ख़ुसूसी कोर्ट ने भी उन्हें हाज़िर होने की हिदायत दी थी। बैंगलौर सिटी पुलिस ने पर पन्ना अगर अहारा जेल के अतराफ़ कल शाम से ही इमतिनाई अहकाम नाफ़िज़ किए थी।

बैंगलौर सिटी पुलिस की सख़्त सकीवरीटी में उन्हें अदालत लाया गया। जेल के अतराफ़ सकीवरीटी के इलावा अर पोर्ट से जेल तक पुलिस फ़ोर्स ताय्युनात थी। जया ललीता का इस्तिदलाल था कि हुकूमत कर्नाटक उन्हें ख़ातिरख़वाह सकीवरीटी फ़राहम करने में नाकाम हुई है।

लेकिन कर्नाटक हुकूमत ने अदालत अज़मी को तीक़न दिया था कि वो जया ललीता की सलामती को यक़ीनी बनाएगी और उन के जैड पुलिस ज़ुमरे की सकीवरीटी के इलावा नैशनल सकीवरीटी गार्ड्स का तहफ़्फ़ुज़ भी फ़राहम किया जाएगा।

इसी दौरान साबिक़ चीफ़ मिनिस्टर तामिलनाडू ऐम करूणानिधि ने कहा कि बिलआख़िर जया ललीता को अपने एक दुहा पुराने ग़ैर मह्सूब असासा जात केस में इंसाफ़ के सामने घुटने टेकने पड़ी।

जया ललीता मुसलसल अदालत में हाज़िर होने से गुरेज़ कर रही थीं। लेकिन इंसाफ़ ने उन्हें अपने सामने झुकने पर मजबूर करदिया। बैंगलौर की अदालत 66 करोड़ रुपय के ग़ैर मह्सूब असासा जात केस में जया ललीता के क़तई ब्यानात को रिकार्ड करेगी।

जया ललीता जब तामिलनाडू की चीफ़ मिनिस्टर थीं, 1991-ए-और 1996-ए-के दरमयान उन पर बेतहाशा दौलत जमा करने के इल्ज़ामात आइद थी। जनता पार्टी के सदर सुब्रामणियम स्वामी ने भी कहा कि कई बरसों से क़ानून से बचने की कोशिश के बाद बिल आख़िर जया ललीता को अदालत आना ही पड़ा। ।

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