जरुरी नहीं है कि जहां पर मस्जिद थी वही भगवान राम का जन्म हुआ- इक़बाल अंसारी

जरुरी नहीं है कि जहां पर मस्जिद थी वही भगवान राम का जन्म हुआ- इक़बाल अंसारी

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई के तीसरे दौर में 14 मार्च को होनी है पहले 5 दिसंबर फिर 8 फरवरी और अब 14 मार्च लगातार सुनवाई की तिथि मिली है होने वाले इस सुनवाई को लेकर मुस्लिम पक्षकार स्व. हाशिम अंसारी के पुत्र इक़बाल अंसारी ने कहा कि 14 मार्च को सुनवाई है कल हम लोग कोर्ट पहुचेंगे और अब सुनवाई और आगे बढ़ेगा की नहीं यह कोर्ट के जज के ऊपर है।

अभी सभी पेपर भी पूरा नहीं है क्योकि बार बार कहा जा रहा है कि कभी हिंदी में कभी उर्दू में तो कभी अंग्रेगी में अनुवाद कर पेश करे ।

हम लोग चक्कर लगाते लगाते थक चुके हैंं अब जल्द इसका फैसला दिया जाये जितनी जल्दी करेंगे तो अच्छा हो क्योकि पुरे हिंदुस्तान का ऐतिहासिक फैसला होगा। इसके और इस के फैसले से कई लोगो के राजनिति समाप्त हो जायेंगे ।

यह मामला सिर्फ राजनिति के कारण रुका हुआ है और जितने भी पक्षकार है सभी चाहते है कि फैसला जल्दी हो जाये । और हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे पक्ष में आयेगा क्योकि सरे पेपर हमारे पास मौजूद है भगवान राम की पूरी दुनिया है हम भगवान राम का विरोध नहीं करते है लेकिन जरुरी नहीं है कि जहाँ पर मस्जिद थी वही भगवान राम का जन्म हुआ है हम राम का सम्मान करते है ।

हमारे पास सरे पेपर है लेकिन सभी पेपर फारसी उर्दू और अरबी भाषा में है इसलिए कोर्ट में देरी हो रही है पहले के लोग अरबी फारसी पढ़े लिखे थे और अब लोग हिंदी और अंग्रेगी पढ़े है तथा बताया कि पूरी अयोध्या में भगवान राम का बड़ा से बड़ा मंदिर है और कही पर भी भगवान का जन्म स्थान बन जाये किसी को कोई एतराज नहीं होगा लेकिन सिर्फ मस्जिद के साथ पर बनाने को लेकर रोड़ा बना गया है।

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