जर्मनी में पहली मुस्लिम महिला “अरास” स्टेट पार्लिमेंट में स्पीकर चुनी गई

जर्मनी में पहली मुस्लिम महिला “अरास” स्टेट पार्लिमेंट में स्पीकर चुनी गई
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बर्लिन : तुर्की मूल की महिला मोहतरम आरास जर्मनी की राज्य बाडेन वुर्टेमबर्ग अध्यक्ष चुनी गई हैं। आरास जर्मनी में किसी भी विधानसभा में अध्यक्ष बनने वाली पहली मुस्लिम महिला हैं।
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ग्रीन पार्टी के 50 वर्षीय राजनेता, मोहतरम आरास, जर्मनी के राज्य बाडेन वुर्टेमबर्ग की संसद में स्पीकर चयन हो गयी  है। आरास ने दक्षिणपंथी अवामियत पसंद और प्रवासी विरोधी राजनीतिक दल ए एफ डी के उम्मीदवार को हराया। आरास को प्रांतीय विधानसभा के 96 सदस्यों के वोट मिले, जिसके बाद वह जर्मनी में प्रांतीय विधानसभा की पहली मुस्लिम महिला अध्यक्ष बनने में सफल हो गईं।

अध्यक्ष चुने जाने ले बाद मोहतरम आरास का कहना था कि, ” आज हम ने इतिहास रच दी है, मेरी सफलता सहन, और सफल सामाजिक एकीकरण का संदेश देती है। ” आरास ने इस प्रतिबद्धता को दोहराया भी उसने कहा वह राज्य विधानसभा में एक सुखद और निष्पक्ष वातावरण की मिसाल कायम करेंगी।

मोहतरम आरास का संबंध तुर्की से है और वह अपने माता पिता के साथ कम उम्र ही में जर्मनी आकर बस गई थी। आरास ने अर्थशास्त्र की पढ़ाई की जिसके बाद उन्होंने बाद में अपनी एक टेक्स फर्म बनाई थी। आरास का राजनीतिक कैरियर सन 1992 से शुरू हुआ जब उन्होंने ग्रीन पार्टी के लिए एक स्थानीय पार्षद के चुनाव में भाग लिया। स्थानीय स्तर पर राजनीति शुरू करने वाली यह तुर्की मूल की मुस्लिम महिला बाद में ग्रीन पार्टी के प्रमुख नेता के रूप में सामने आईं।

एक जर्मन अखबार के अनुसार आरास ने विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपना पहला सत्र शुरू किया तो सभी दलों के सदस्यों ने खड़े होकर तालियां बजाइ; हालांकि ए एफ डी के सदस्यों ने ऐसा करने से परहेज किया। गौरतलब है कि ए एफ डी हाल ही में जर्मनी के कई राज्यों में आयोजित होने वाले स्थानीय चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल की थी।

उल्लेखनीय है कि ए एफ डी ने अपने संविधान में यह विवादास्पद बात भी शामिल कर रखी है कि इस्लाम जर्मन संविधान के साथ अनुकूलता नहीं रखता । इसके अलावा दक्षिणपंथी यह जमात जर्मनी में बुर्के और मस्जिदों के मीनारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर रही है।

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