Saturday , December 16 2017

जल्दबाजी में जारी किये गये 2000 के नए नोट में हैं कुछ खामियां

नई दिल्ली : आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषणा की गयी थी| इसके कुछ देर बाद खबर आई थी कि आम जनता को होने वाली परेशानी से बचने के लिए 2000 के नए नोट 10 दिसंबर से बैंकों में उपलब्ध होंगे |

इस घोषणा के मुताबिक़ कोई भी व्यक्ति बैंक में अपना पहचान पत्र दिखाकर चार हजार रुपये तक के पुराने नोट बदल सकता है| लेकिन गुरुवार को कुछ ही घंटे में देश के बहुत सारे बैंकों में नगद ख़त्म हो गयी | कुछ ही लोगों को 2000 के नए नोट मिले हैं | ज़्यादातर लोगों को पुराने 100-100 रुपये के ही नोट मिले हैं | दो हजार के जो नए नोट भारतीय रिज़र्व बैंक ने जारी किये हैं उससे लोग कोई खास प्रभावित नहीं है | इन नए नोटों से लोगों को कुछ शिकायते हैं |

* 2000 का नोट अब भारत का सबसे बड़ा करेंसी नोट होगा | लेकिन ये नया नोट 1000 के पुराने नोट से छोटा और हल्का है| नए नोट का कागज पुराने 1000 के नोट से कमतर महसूस होता है |
* पुराने 500 और 1000 के नोटों के सिक्योरिटी कोड से 2000 के नोट के सिक्योरिटी कोड को कुछ मीडिया संस्थान कमतर मान रहे हैं | कहा जा रहा है कि सरकार को नए सीरीज के नोट जारी किये जाने के लिए बेहतर सिक्योरिटी कोड प्रयोग करने चाहिए जिससे इनके नकली नोट बनाना मुश्किल हो |

* कुछ लोगों के मुताबिक़ नोट में मॉडर्न स्टाइल की कमी है। नए नोट में इस्तेमाल किए गए फॉन्ट “पुराने स्टाइल” के हैं | नोट के दोनों तरफ अलग-अलग आकार के फॉन्ट में कैप्शन लिखे गये हैं | नोट के दोनों तरफ अलग-अलग तरह के फॉन्ट हैं जिसकी वजह से वह देखने में भी कुछ खास अच्छा नहीं लग रहा है |

* भाषा के जानकार भी इस नोट की आलोचना कर रहे हैं | उनके मुताबिक़ नए नोट पर अरबी, फारसी और अंग्रेजी मूल के शब्दों पर उनके उच्चारण के अनुसार नुक्ते लगाए गए हैं | जैसे कि “हज़ार” और “रिज़र्व” में उनकी मूल ध्वनि के अनुसार ‘ज’ में नुक्ते का प्रयोग किया गया है | लेकिन सरकार नए नोटों में ‘क़दम’ के ‘क’ में नुक़्ता लगाना भूल गई |
* कुछ लोगों का दावा है कि 2000 के नोट पर बनाया गया स्वच्छ भारत अभियान का लोगो अपने मूल आकार से बड़ा है| कुछ समाचार वेबसाइट ने दावा किया है कि 2000 पर छपे भारत के राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ का लोगो सिमेट्रिकल नहीं है |

 

TOPPOPULARRECENT