Sunday , December 17 2017

जल्‍दबाजी में मोदी के खिलाफ राय ना बनाए मुस्लिम: एफएमएसए

बीजेपी के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी के वज़ीर ए आज़म बनने से पहले फोरम फॉर मुस्लिम स्‍टडीज एंड एनालिसि‍स ने मुल्क के सभी मु‍सलमानों से खिताब करते हुए कहा कि वह किसी अफवाह और बहकावे में ना आए और मोदी के खिलाफ मनफी सोच बनाने से बचें।

बीजेपी के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी के वज़ीर ए आज़म बनने से पहले फोरम फॉर मुस्लिम स्‍टडीज एंड एनालिसि‍स ने मुल्क के सभी मु‍सलमानों से खिताब करते हुए कहा कि वह किसी अफवाह और बहकावे में ना आए और मोदी के खिलाफ मनफी सोच बनाने से बचें।

एफएमएसए का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब मोदी हलफ लेने वाले हैं। हालांकि दानिश्वर इसे मुसबत तौर पर लेते हुए कह रहे हैं कि अभी तक मोदी ने अपनी तकरीरों में जिस तरह के लफ्ज़ / ज़ुबान का इस्तेमाल किया है उससे एक बात तो साफ है कि वह सभी को साथ लेकर काम करना चाहते हैं।

एफएमएसए ने कहा कि मोदी के हलफबरदारी तकरीब में सभी सार्क ममालिक के इंविटेशन से भी यह बात पूरी तरह से साफ है कि बिना इख्तेलाफ तरक्की करना चाहते हैं।

इंतेखाबात से पहले कुछ पार्टियों ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुसलमानों में यह कहकर डर बैठा दिया था कि अगर वह इक्तेदार में आए तो गुजरात जैसे दंगे मुल्क में दोबारा हो सकते हैं लेकिन एफएमएसए ने कहा कि आम इंतेखाबात में जबरदस्त कामयाबी के बाद से अब तक दिए गए तकरीरों में मोदी ने जाहिर किया है कि वह मुसलमानों और अपने बीच बनी खाई को खत्म करना चाहते हैं।

एफएमएसए ने कहा कि हिंदुस्तान जैसे सेक्युलर मुल्क की कमान संभालने जा रहे मोदी अगर हिंदुस्तानी बर ए सगीर (Indian subcontinent) में अमन कायम करने की सिम्त में काम करते हैं और अगर वह अक्लियतों के लिये चल रही फलाही स्कीमों Welfare schemes को जारी रखते हैं तो मुसलमानों को उनके कामो की तरफ से मुसबत जवाब देनी चाहिए।

मुसलमानों से गुजारिश किया गया है कि वे इस खदशे से डरे नही कि मोदी की अगुवाई वाली हुकूमत आईन (संविधान) में फेरबदल करके उन्हें उनके वाजिब हक से महरूम कर देगी। गौरतलब है कि एफएमएसए ने लोकसभा इंतेखाबात में कांग्रेस की मुखालिफत की थी ।

TOPPOPULARRECENT