जवाहर लाल नेहरू ने करवाया नेताजी का क़त्ल – स्वामी

जवाहर लाल नेहरू ने करवाया नेताजी का क़त्ल – स्वामी
दावों, खुलासों और पीआईएल के लिए जाने जानेवाले भाजपा लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का क़त्ल रूस में स्टालिन ने कराई थी और इसमें जवाहर लाल नेहरू का हाथ था। उन्होंने यह दावा करते हुए वादा किया कि अगल

दावों, खुलासों और पीआईएल के लिए जाने जानेवाले भाजपा लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का क़त्ल रूस में स्टालिन ने कराई थी और इसमें जवाहर लाल नेहरू का हाथ था। उन्होंने यह दावा करते हुए वादा किया कि अगली बार नेताजी की जयंती पर वह जब मेरठ आएंगे तो अपने साथ इससे जुडे दस्तावेज और फाइलें लेकर आएंगे। इस मौके पर उन्होंने एक बार फिर कहा कि सुनंदा पुष्कर का क़त्ल किया गया है और इस मामले में कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी से भी पूछताछ होनी चाहिए।

सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर एक प्रोग्राम में हिस्सा लेने जुमे के रोज़ मेरठ आए स्वामी ने कहा, दूसरा आलमी जंग के बाद नेताजी को वॉर क्रिमिनल ऐलान कर दिया गया तो उन्होंने (नेताजी ने) एक फर्जी सूचना फ्लैश कराई कि प्लेन क्रैश में नेताजी की मौत हो गई। बाद में वह पनाह लेने के लिए रूस पहुंचे, लेकिन वहां तानाशाह स्टालिन ने उन्हें कैद कर लिया। स्टालिन ने नेहरू को बताया कि नेताजी उनकी कैद में हैं, क्या करें! इस पर उन्होंने ब्रिटिश वज़ीर ए आज़म को इसकी इत्तेला भेज दी और कहा कि आपका वॉर क्रिमिनल रूस में है। साथ ही उन्होंने स्टालिन को इस पर रज़ामंदी दे दी कि नेताजी का क़त्ल कर दिया जाए। भाजपा लीडर ने कहा कि साल 1945 में ताइवान में कहीं भी कोई हवाई हादिसा न तो दर्ज है और न ही बोस का नाम फौतशुदा की फहरिस्त में शामिल है।

जवाहरलाल नेहरू के उस वक्त के स्टेनॉग्रफर श्यामलाल जैन मेरठ के ही थे। उन्होंने खोसला कमिशन के सामने अपने बयान में बताया था कि रूस के पीएम स्टालिन ने पैगाम भेजा था कि सुभाष चंद्र बोस हमारे पास हैं, उनके साथ क्या करना है उन्होंने बताया था कि इस खत का जवाब पीएम नेहरू ने 26 अगस्त 1945 को आसिफ अली के घर बुलाकर उनसे ही लिखवाया था। हालांकि कमिशन ने इस पर यकीन न कर उनसे सबूत मांगा था।

स्वामी ने कहा कि इसी अहसान में नेहरू हमेशा रूस से दबे रहे और कभी कोई मुखालिफत नहीं किया। उनहोंने कहा कि नेताजी की मौत की पहेली से पर्दा उठेगा और सच सामने आएगा कि मुल्क का गद्दार कौन था। भाजपा लीडर ने कहा कि इस बारे में उनकी मरकज़ी हुकूमत से बात हो रही है।

वादा किया कि अगले साल जब वह नेताजी की जुबली की तकरीब शामिल होने मेरठ आएंगे तो सारे दस्तावेज और संबंधित फाइलें उनके पास होंगी। सुब्रमण्यम स्वामी ने सहाफियों से बातचीत में सुनंदा पुष्कर की मौत को लेकर भी कई दावे किए।

उन्होंने कहा, आईपीएल माफिया, कॉल गल्र्स, फॉरेन एक्सचेंज और फ्रॉड लोगों की तंज़ीम है। सुनंदा इन लोगों के बारे में खुलासा करने जा रही थीं, इसीलिए जुबान बंद करने को उनका क़त्ल किया गया है। उन्होंने कहा कि सुनंदा अहमद पटेल के जरिए सोनिया गांधी से मिलने की कोशिश में थीं।

पिछले साल 17 जनवरी को वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करना चाहती थीं, जिसमें कुछ बडा खुलासा होना था। 16 जनवरी की रात उस होटेल में, जिसमें सुनंदा मुर्दा मिली थी, मुश्तबा कार की भी बारीकी से जांच-पडताल होनी चाहिए क्योंकि शायद यह कार सोनिया के सियासी सलाहकार अहमद पटेल की है। इस बारे में सोनिया से भी पूछताछ होनी चाहिए।

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