Wednesday , June 20 2018

… जहां 30 साल से गांव वालों ने नहीं डाले वोट

जहां पूरे मुल्क पर इस वक़्त चुनाव का नशा सवार है, वहीं इसी मुल्क में एक गांव ऐसा भी है, जिसके एक भी बाशिंदे ने पिछले 30 सालों से वोट नहीं डाला है।

जहां पूरे मुल्क पर इस वक़्त चुनाव का नशा सवार है, वहीं इसी मुल्क में एक गांव ऐसा भी है, जिसके एक भी बाशिंदे ने पिछले 30 सालों से वोट नहीं डाला है।

गढ़वा जिले के दूरदराज के एक गांव सरउत के लोग पिछले 30 साल से पोलिंग बूथ से दूरी बनाए हुए हैं। जिला इनतेजामिया और नुमाइन्दो की लापरवाही के चलते गांव के लोगों चुनाव के अमल में हिस्सा न लेने का फैसला किया है।

गांव के रहने वाले सुनेश्वर यादव के अलफाज़ मे, ‘हमनीं के वोट के चिंता सरकार के काहेला होई। पहिले भी वोट नइखे देले, तबो सांसद अऊ विधायक बनले बदन। अबरियो बन जइहें (सरकार को हमारे वोट की चिंता क्यूं होगी। पहले भी हमने वोट नहीं दिए, लेकिन तब भी यहां सांसद और विधायक बने। अब भी बन जाएंगे)।’ सुनेश्वर अकेले ऐसे गांव वाले नहीं है जो अपने हके रायदही के इसतिामाल से बेपरवा हैं, बल्कि सुकनी देवी और बिमलेश किसन सहित गांव के 150 से भी ज्यादा मतदाता भी इसी कतार में हैं।

टेहरी पंचायत के इस गांव की भंडरिया प्रखंड मुख्यालय से दूरी करीब 37 किमी है। झारखंड-छत्तीसगढ़ की सरहद पर वाकै 6 टोले वाले इस गांव की आबादी 5,00 से जाइद है। गढ़वा डीसी सुधांशु भूषण बरवार का कहना है, ‘इस गांव के बारे में अब तक मेरे मालूमात में कोई जानकारी नहीं आई है। इस गांव पर खास ध्यान दिया जाएगा और ग्रामीणों की शिकायतें सुनी जाएंगी। मैं उनको वोट डालने के लिए मनाने का पूरा प्रयास करूंगा।

TOPPOPULARRECENT