ज़ख्मी आस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ श्रीलंका आज ख़िताब के लिए कोशां

ज़ख्मी आस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ श्रीलंका आज ख़िताब के लिए कोशां
बुलंद हौसलों की हामिल सिरी लंकाई टीम कल यहां सी बी सीरीज़ के फ़ैसलाकुन तीसरे फाईनल मुक़ाबला में ज़ख्मों के मसाइल से परेशान ऑस्ट्रेलियाई टीम के ख़िलाफ़ ख़िताबी कामयाबी की ख़ाहां है। फ़ैसलाकुन फाईनल से क़ब्ल आस्ट्रेलिया को मुस्तक़िल कप

बुलंद हौसलों की हामिल सिरी लंकाई टीम कल यहां सी बी सीरीज़ के फ़ैसलाकुन तीसरे फाईनल मुक़ाबला में ज़ख्मों के मसाइल से परेशान ऑस्ट्रेलियाई टीम के ख़िलाफ़ ख़िताबी कामयाबी की ख़ाहां है। फ़ैसलाकुन फाईनल से क़ब्ल आस्ट्रेलिया को मुस्तक़िल कप्तान माईकल क्लार्क और फ़ास्ट बौलर जेम्स पटनसन के ज़ख्मी होकर टीम से बाहर होने का नुक़्सान भी बर्दाश्त करना पड़ रहा है।

इलावा अज़ीं इन फ़ार्म ओपनर डेविड वार्नर जिन्हों ने 2 फाइनल्स में मुतवातिर 2 सेंचुएयरियाँ स्कोर की हैं, वो भी ज़ख्मी हैं। जबकि फ़ास्ट बौलर ब्रिट ली भी पैर के ज़ख्म में मुबतला हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम जिसे पहले ही श्रीलंका के ख़िलाफ़ कामयाबी का गर नहीं मिल रहा है वो अब अपने चंद अहम खिलाड़ियों के ज़ख़मी होने से परेशान हैं लिहाज़ा कारगुज़ार कप्तान और टीम के ऑल राउंडर शेन वाटसन पर मेज़बान टीम को सी बी सीरीज़ के फ़ातिह बनाने के लिए शदीद दबाव है।

आलमी नंबर एक ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए इस के बोलरों के नाक़िस मुज़ाहिरे काफ़ी तशवीशनाक हैं क्योंकि मेज़बान बोलरों ने 3 मर्तबा हरीफ़ टीम को 270 रन से ज़ाइद निशाने का कामयाब तआक़ुब करने का मौक़ा फ़राहम किया जिस में एक मर्तबा हिंदूस्तान और 2 मर्तबा श्रीलंका ने फ़तह हासिल की है। जबकि गब्बा में मुनाक़िदा पहले फाईनल में 321 रन भी आस्ट्रेलिया के लिए नाकाफ़ी दिखाई दे रहे थे।

ऑस्ट्रेलियाई टीम जिसे टाप आर्डर के नाक़िस मुज़ाहिरे से परेशानी लाहक़ थी लेकिन अब उसे लोअर मिडिल आर्डर में नाक़िस मुज़ाहिरों की परेशानी भी लाहक़ हो चुकी है। जैसा कि आस्ट्रेलिया ने मंसूबा बंद तरीक़ा से ये कोशिश की थी कि विकटों की हिफ़ाज़त की जाए और इनिंग्ज़ के आख़िरी ओवर्ज़ में तेज़ी के साथ रन बनाए जाएं लेकिन श्रीलंका ने हरीफ़ टीम के इस मंसूबा को नाकाम बनाया जैसा कि एशियाई टीम के सफ़ अव्वल के बौलर लासिथ मलंगा को आख़िरी ओवर्स की जो ज़िम्मेदारी दी गई उसे उन्हों ने बख़ूबी निभाई।

श्रीलंका के टाप आर्डर्स का शानदार फ़ार्म आस्ट्रेलिया केलिए फिर एक मर्तबा दर्द-ए-सर साबित हो सकता है क्योंकि तिलकरत्ने दिलशान सीरीज़ में 500 से ज़ाइद रंन स्कोर कर चुके हैं जबकि उन के साथी ओपनर और सिरी लंकाई कप्तान महेला जय वरधने भी इनिंग्ज़ का आग़ाज़ करते हुए टीम की कामयाबी में कलीदी रोल अदा कर चुके हैं।

सिर्फ एक मर्तबा एतवार को गब्बा में खेले गए पहले फाईनल में मज़कूरा जोड़ी टीम को बेहतर शुरूआत फ़राहम करने में नाकाम रही थी लेकिन लोअर मिडल आर्डर में ख़ुसूसन नोवन कलासीकरा और दमीका प्रसाद टीम को एक यादगार कामयाबी के क़रीब पहूँचा चुके थे।

सिरी लंकाई टीम के लिए फ़ैसलाकुन फाईनल से क़बल अपनी फ़ील्डिंग की ख़ामीयों पर क़ाबू पाना ज़रूरी है क्योंकि दूसरे फाईनल में सिरी लंकाई टीम ने तक़रीबन आधा दर्जन कैच्स छोड़े थे जिस के बावजूद इस ने 8 विकटों से कामयाबी हासिल की। दोनों टीमें फ़ैसलाकुन फाईनल में कामयाबी हासिल करते हुए सीरीज़ का ना सिर्फ कामयाब इख़तेताम करना चाहती हैं बल्कि श्रीलंका इस कामयाबी के ज़रीया एशीया कप में शिरकत और ऑस्ट्रेलियाई टीम वेस्ट इंडीज़ का दौरा करने के बाद इंगलैंड के ख़िलाफ़ सीरीज़ की मेज़बानी की ख़ाहां होगी।

ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरा वेस्ट इंडीज़ पर 16 मार्च को पहला वंडे खेलेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हिंदूस्तान के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ में 4-0 की शानदार कामयाबी हासिल करते हुए मौसम-ए-गर्मा के आग़ाज़ पर जुनूबी अफ़्रीक़ा और न्यूज़ीलैंड की जद्द-ओ-जहद से पर सीरीज़ का इख़तेताम किया है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम को 2011 वर्ल्डकप के बाद कप्तानों और कोच की तबदीलीयों का सामना भी रहा है जिसका टीम के खिलाड़ियों के मुज़ाहिरों पर भी असर देखा जा रहा है।

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