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ज़िमनी इंतिख़ाबी नताइज पर कांग्रेस का सर्वे मायूस कुन

अब जबकि रियासत में तारीख़ी ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) की राय दही को सिर्फ चंद घंटे बाक़ी रह गए हैं जिस तरह वोटों मशीनों में उम्मीदवारों की क़िस्मत का फ़ैसला महफ़ूज़ हो जाएगा इसी तरह रियासत की किरण कुमार रेड्डी हुकूमत के मुस्तक

अब जबकि रियासत में तारीख़ी ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) की राय दही को सिर्फ चंद घंटे बाक़ी रह गए हैं जिस तरह वोटों मशीनों में उम्मीदवारों की क़िस्मत का फ़ैसला महफ़ूज़ हो जाएगा इसी तरह रियासत की किरण कुमार रेड्डी हुकूमत के मुस्तक़बिल पर भी अवाम अपनी मोहर लगा दें गे । अगरचे ये सिर्फ़ 18 असेंबली हलक़ोंऔर 1लोक सभा के ज़िमनी चुनाव (उप चुनाव)का मुआमला है लेकिन उसी पर रियासत के सयासी मुस्तक़बिल का इन्हिसार है ।

जुनूबी हिंद में आंधरा प्रदेश वाहिद मज़बूत रियासत है जहां कांग्रेस बरसर-ए-इक्तदार है लेकिन अगर ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) के नताइज कांग्रेस के ख़िलाफ़ आते हैं तो कांग्रेस इस रियासत से भी महरूम हो सकती है यही वजह है कि कांग्रेस आला कमान ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) पर ख़ुसूसी तवज्जा मर्कूज़ किए हुए हैं । सदर ए आई सी सी सोनीया गांधी ने ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) में सूरत-ए-हाल को कांग्रेस के हक़ में करने कई सीनीयर क़ाइदीन को आंधरा प्रदेश रवाना किया ।

अगरचे ग़ुलाम नबी आज़ाद आंधरा प्रदेश के इंचार्ज जनरल सेरक्रेटरी हैं लेकिन वायलार रवी और ऑस्कर फ़र्नांडीज़ को भी रवाना किया गया जिन्हों ने पार्टी की इंतिख़ाब में मुहिम हिस्सा लिया । चीफ़ मिनिस्टर के क़रीबी ज़राए ने बताया कि सोनीया गांधी को इन तीनों क़ाइदीन ने जो रिपोर्ट पेश की है वो मायूसकुन है जिस के बाइस सदर कांग्रेस सोनीया गांधी ,चीफ़ मिनिस्टर और पी सी सी सदर से नाराज़ बताई जाती हैं ।

बताया गया है कि ए आई सी सी की जानिब से भी ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) के सिलसिला में कई सर्वे कराए गए लेकिन कोई भी सर्वे हौसला अफ़ज़ा-ए-नहीं रहा । बताया जाता है कि इंतिख़ाबी मुहिम के आग़ाज़ के वक़्त कांग्रेस पार्टी को 18 मैं 5 असेंबली हलक़ों में कामयाबी की पेश क़ियासी की गई थी लेकिन इंतिख़ाबी मुहिम के इख़तताम के बाद चीफ़ मिनिस्टर और ए आई सी सी के ज़राए सिर्फ तीन नशिस्तों पर कामयाबी का दावे कर रहे हैं ।

मेगा स्टार कहे जाने वाले चिरंजीवी ने भी कांग्रेस पार्टी को मायूस क्या । कांग्रेस आला कमान ने उन्हें राज्य सभा की नशिस्त देते हुए 2014 के इंतिख़ाबात की मुहिम में उन के इस्तिमाल का फ़ैसला किया था लेकिन इस से पहले ही ज़िमनी इंतिख़ाबात(उप चुनाव) में कांग्रेस को चिरंजीवी से मायूसी हुई । चिरंजीवी के इंतिख़ाबी हलक़ा तिरूपति में उन के रोड शो और जलसे नाकाम रहे ।

कांग्रेस आला कमान को फ़िलवक़्त इंतिख़ाबी नताइज से ज़्यादा कांग्रेस के अरकान असेंबली को जगन कैंप में जाने से रोकने की फ़िक्र लाहक़ है ।इसी सिलसिला में वायलार रवी ने कल अचानक हैदराबाद का दौरा किया । बताया जाता है कि उन्हों ने चीफ़ मिनिस्टर और पी सी सी सदर को हिदायत दी कि अरकान असेंबली को जगन कैंप में जाने से रोका जाय ।

चीफ़ मिनिस्टर के क़रीबी ज़राए इस बात को तस्लीम कररहे हैं कि अगर ज़िमनी चुनाव (उप चुनाव)में कांग्रेस चारता पाँच नशिस्तें हासिल करती है इसी वक़्त चीफ़ मिनिस्टर की कुर्सी महफ़ूज़ रह पाएगी । किरण कुमार रेड्डी और उन के हामीयों को ये यक़ीन है कि कांग्रेस के अरकान असेंबली इंतिख़ाबी नताइज के बाद जगन कैंप का रुख नहीं करेंगे ।

इन का मानना है कि सी बी आई के बाद इनफ़ोरसमेनट डावर कट्टू रेट की तहक़ीक़ात का आग़ाज़ होगा और जगन बाहर निकल नहीं पाएंगे । इंटेलिजेंस ने अब अगरचे हुकूमत को 20 अरकान असेंबली के नाम पेश किए हैं जो ज़िमनी चुनाव (उप चुनाव)के बाद जगन कैंप का रुख कर सकते हैं लेकिन चीफ़ मिनिस्टर को यक़ीन है कि वो इन में 10 को आसानी से रोक लेंगे और हुकूमत को कोई ख़तरा नहीं होगा ।

किरण कुमार रेड्डी कैंप को चंद्रा बाबू नायडू पर मुकम्मल भरोसा है कि वो हुकूमत को ज़वाल पज़ीर होने नहीं देंगे।

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