ज़िला कुरनूल में फ़ज्र से ज़ोहर तक और अस्र से इशा तक निकाह पर अमल

ज़िला कुरनूल में फ़ज्र से  ज़ोहर  तक और अस्र से इशा तक निकाह पर अमल
कुरनूल के गवर्नमेंट क़ाज़ी अल्हाज हाफ़िज़ सैयद शाह सलीम बादशाह हुसैनी कादरी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिस में मुसलमानाने कुरनूल को हिदायत दी गई है कि वो दफ़्तर क़ुज़ात से जारी कर्दा हिदायत के मुताबिक़ ही मुक़र्ररा औक़ात में ही तक़री

कुरनूल के गवर्नमेंट क़ाज़ी अल्हाज हाफ़िज़ सैयद शाह सलीम बादशाह हुसैनी कादरी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिस में मुसलमानाने कुरनूल को हिदायत दी गई है कि वो दफ़्तर क़ुज़ात से जारी कर्दा हिदायत के मुताबिक़ ही मुक़र्ररा औक़ात में ही तक़रीब निकाह का एहतेमाम करें।

चुनांचे दिन में होने वाले निकाह बाद नमाज़े फ़ज्र ता क़ब्ल नमाज़ ज़ोहर तक अंजाम पाएंगे। इस के बाद निकाह नहीं किया जाएगा। शाम में होने वाले निकाह बाद नमाज़ अस्र ता क़ब्ल नमाज़ इशा अंजाम पाएंगे।

रात 10 बजे बाद क़ाज़ी साहिबान की जानिब से निकाह की इजाज़त नहीं होगी। शहर कुरनूल के उल्मा किराम, मशाइख़ीन और दानिश्वरों ने भी इस मुस्तहसिन इक़दाम की सताइश की है और उम्मीद की है कि रियासत भर में इस मिसाली इक़दाम को अख़्तियार किया जाए।

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