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ज़ी सलाम ऊंचाइयों को छूते हुए नई बुलंदीयों की राह पर

२‍‍‍‍‍‍‍‍५ फरवरी :ज़ी सलाम के लिए निहायत ख़ुशी की बात है कि अब टाटा स्काई डी टी ऐच प्लेटफार्म और एरटील डीजीटल टी वी पर भी दस्तयाब होगया है । अब जब कि ज़ी सलाम के दो साल मुकम्मल हो चुके हैं ज़ी सलाम ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है ख़ासकर इ

२‍‍‍‍‍‍‍‍५ फरवरी :ज़ी सलाम के लिए निहायत ख़ुशी की बात है कि अब टाटा स्काई डी टी ऐच प्लेटफार्म और एरटील डीजीटल टी वी पर भी दस्तयाब होगया है । अब जब कि ज़ी सलाम के दो साल मुकम्मल हो चुके हैं ज़ी सलाम ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है ख़ासकर इस्लामी और मालूमाती मैदान में ज़ी सलाम हर उम्र के लोगों का ख़्याल रखते हुए मुख़्तलिफ़ प्रोग्रामों का एक गुलदस्ता पेश करता है जिस में इस्लामी , तहज़ीबी , सक़ाफ़्ती , तरक़्क़ीयाती , मालूमाती , तफ़रीही और रईलटी शूज़ शामिल हैं । अब तक ज़ी सलाम अपने नाज़रीन के लिए 6 घंटे का प्रोग्राम पेश कर रहा है मगर अब उसे 7 घंटे करने का इरादा है ।

ज़ी सलाम हमेशा से ही बुलंदीयों की जानिब गामज़न रहा है और गुज़श्ता दो महीने से पहले नंबर पर क़ायम है । ज़ी सलाम को ज़ी नैटवर्क ने लॉन्च किया है । ये पहला 24 घंटे का उर्दू ऐंटरटेनमैंट सैटेलाइट टेलीविज़न चैनल है । ये चैनल इस्लामी तहज़ीब-ओ-सक़ाफ़्त और उर्दू ज़बान के लिए वक़्फ़ है । आने वाले दिनों में ज़ी सलाम अपने नाज़रीन के लिए ना सिर्फ नए और मालूमाती प्रोग्राम लेकर आएगा बल्कि अपने गुज़श्ता प्रोग्रामों को नए और बड़े स्केल पर पेश करेगा ।

ज़ी सलाम के पसंदीदा और मारूफ़ प्रोग्रामों में बेहस-ओ-मुबाहिसा , जहान निसवां , परवाज़ , यंग अचीवर और मआशियाती हुनर वग़ैरा जो मालूमाती और तरक़्क़ीयाती प्रोग्राम हैं इस के इलावा मुशायरा , क़व्वाली , ग़ज़ल वग़ैरातफ़रीही प्रोग्राम हैं । इन सब प्रोग्रामों को जिन में सब से मक़बूल और पसंदीदा प्रोग्राम दरसहदीस , को एक नए अंदाज़ में पेश किया जाएगा । ज़ी सलाम मज़ीद नए इस्लामी और आम मालूमाती प्रोग्राम पेश करने का मंसूबा बना रहा है । नीज़ अपने मौजूदा प्रोग्राम तलाश एक रुहानी आवाज़ की , कलाम अलहि हुस्न क़िरात और इक़रा जैसे रीइलटी शूज़ को भी बड़े और आली पैमाने पर पेश करने का इरादा रखता है ।

ज़ी सलाम के प्रोग्रामों को ना सिर्फ लोगों ने देखा और सुना है बल्कि इस पर अमल भी किया है । अब इस चैनल के डिश टी वी चैनल नंबर 786 , टाटा स्काई चैनल नंबर 162 , एरटील डी जीटल टी वी चैनल नंबर 613 , और डी डी डायरैक्टर पर दस्तयाब होने की वजह से ये मज़ीद लोगों तक पहुंच रहा है । यही वजह है कि आजिज़ी सलाम को इतनी मक़बूलियत मिली है और ये चैनल अपना वाअदा पूरा करने में कामयाबी की राह पर रवां दवां है ।।

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