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ज़ी सलाम मुस्लमानों की हमा जहती तरक़्क़ी के लिए सरगरदां

हैदराबाद । २५ । मई : ( सियासत न्यूज़ ) : ज़ी सलाम मुस्लमानों की तालीमी , समाजी ,इक़तिसादी तरक़्क़ी के लिए सरगरदां है । बला तफ़रीक़ ज़ी सलाम अपनी तमाम ज़िम्मेदारीयों को बख़ूबी अंजाम दे रहा है । एक आम मुस्लमान की ज़िंदगी से जुड़े हर पहलू

हैदराबाद । २५ । मई : ( सियासत न्यूज़ ) : ज़ी सलाम मुस्लमानों की तालीमी , समाजी ,इक़तिसादी तरक़्क़ी के लिए सरगरदां है । बला तफ़रीक़ ज़ी सलाम अपनी तमाम ज़िम्मेदारीयों को बख़ूबी अंजाम दे रहा है । एक आम मुस्लमान की ज़िंदगी से जुड़े हर पहलू पर रोशनी डालना और इस के मुस्तक़बिल को रोशन बनाना ही चैनल का मक़सद है और चैनल इस अमल में कामयाब भी हुआ है । ज़ी सलाम हर रोज़ मिल्लत को तरक़्क़ी की दावत दे रहा है , हर क़ौमी त्योहार और क़ौम के हर फ़र्द के लिए ज़ी सलाम की ख़ास पेशकश हमेशा कामयाब होती है ।

यही वजह है कि ज़ी सलाम हिंदूस्तान के मुस्लमानों की ज़रूरत और मुस्लमानों की आवाज़ बन चुका है । हज , रमज़ान ईद , बक़रईद , मुहर्रम और उर्स के मौक़ा पर अपनी ख़ास पेशकश और उम्दा प्रोग्राम की बदौलत हर ख़वास-ओ-आम का पसंदीदा चैनल बन चुका है । हज की इबादत , रमज़ान की रौनक , ईद की ख़ुशीयां , बक़रईद के फ़राइज़ , मुहर्रम का ग़म और उर्स की रूहानियत इस चैनल पर साफ़ देखी जा सकती हैं । अजमेर शरीफ़ के उर्स के मौक़ा पर एक बार फ़र्ज़ी सलाम पर अज़म तरीक़े से अपनी ज़िम्मेदारीयों को निभाने के लिए तैय्यार है ।

चूँकि हज़रत ख़्वाजा मोईनउद्दीन चिश्ती ऒ से दुनिया के तमाम मुस्लमानों को एक गहिरा कलबी लगाव‌ है । मुस्लमानों के इसी जज़बात और एहसासात का एहतिराम करते हुए ख़्वाजा ग़रीबनवाज़ ऒ के 800 वें उर्स के मौक़ा पर हर साल की तरह इस साल भी चांद रात से लेकर इजतिमाई दा-ए-तक हर ख़ास रस्म का ज़ी सलाम ग़रीबनवाज़ के आस्ताना मुबारक से बराह-ए-रास्त नशरिया करेगा । जिसे हर रोज़ शाम चार बजे और रात साढे़ दस बजे से देखा जा सकता है ।

यक्मरजब से 6 रजब तक । यक़ीनन जो लोग किसी ना किसी वजह से हज़रत ख़्वाजा की ज़यारत के लिए अजमेर नहीं जा सकें । उन के लिए ज़ी सलाम एक बेहतरीन ज़रीया है । हज़रत ख़्वाजा के आस्ताने की ज़यारत का । उर्स के इलावा ज़ी सलाम लगातार अपने नाज़रीन से अल्लाह ताली के अहकाम की पाबंदी और अल्लाह के रसूल ई की तमाम तालीमात की पैरवी का पैग़ाम देता रहेगा । बच्चों , बुज़ुर्गों , औरतों और नौजवानों के लिए ज़ी सलाम की दिलचस्प और ख़ुसूसी पेशकश भी जारी रहेगी ।

दरस क़ुरआन , दरस हदीसकी रहमत और बरकत चैनल से हमेशा की तरह बरसती रहेगी । हमद इलहा नाअत रसूल तलाश एक रुहानी आवाज़ की और हुस्न क़िरात का रियलिटी शो शुरू कर के चैनल ने जोताबदार तारीख़ रक़म की है इस तारीख़ का कामयाब सफ़र पूरी अक़ीदत और मुहब्बत के साथ अपने मुईन वक़्त तक जारी रहेगा ।

सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि मशहूर गुलूकार वारिसबैग की आवाज़ में गूंजने वाला मदह-ओ-सना का मुनफ़रद तरीक़ा और कामयाब अंदाज़ वक़फ़े वक़फ़े पर चैनल के पर ख़ुलूस इरादे का इज़हार करता रहेगा । सदाबहार नग़मे , सलाम महफ़िल , शाम ग़ज़ल और क़व्वाली की बज़म अपने पुरकशिश और जुदा लब-ओ-लहजे से क़दर दानों को महज़ूज़ करती रहेगी । ज़ी सलाम के बिज़नस हैड अनिल आनंद के मुताबिक़ कामयाबी , तरक़्क़ी और ज़िम्मेदारीयों भरा ये सफ़र जारी रहेगा ।।
Dish tv channel no.786, Tatasky channel no.163, Airtel channel no.613, DD direct, Videocon Active services.

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