Sunday , December 17 2017

जाकिर नाइक पर हमला मोदी सरकार के मुस्लिम विरोधी एजेंडे का हिस्सा है: डॉ जफ़रुल इस्लाम

नई दिल्ली। मिल्ली गजट के संपादक और ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मुशावरत के पूर्व अध्यक्ष डॉ। जफ़रुल इस्लाम खान ने इस्लामिक उपदेशक डॉक्टर ज़ाकिर नाइक और उनके संस्थानों पर टूटने वाली मुसीबत पर आमतौर पर मिल्लत में छाई चुप्पी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जाकिर नाइक के खिलाफ हमला मोदी सरकार और उनके समर्थकों के इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ एजेंडे का हिस्सा है।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार प्रेस रिलीज़ जारी कर उन्होंने कहा है कि ढाका से आने वाली एक झूठी खबर का बहाना बनाकर उनके खिलाफ एक माहौल बनाया गया हालांकि इस खबर का खंडन अगले ही दिन हो गया था। धीरे धीरे नौबत यहां तक पहुंची कि उनके संस्थान इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और अन्य शैक्षिक और धर्मार्थ संस्थाओं को अवैध करार दे दिया गया है। इन संस्थाओं के ऑफिसों पर कब्जा कर लिया गया है, उनके विश्व स्तरीय स्कूल पर भी कब्ज़े की तैयार हो रही है और उनके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कार्नर नोटिस जारी करके दुनिया के किसी भी हिस्से से उन्हें गिरफ्तार कर भारत लाने की तैयारी शुरू हो चुकी ताकि उन्हें कई साल जेल में रखकर मिल्लत को बदनाम किया जा सके।

संपादक ने कहा कि जाकिर नाइक के खिलाफ हमला मोदी सरकार और उनके समर्थकों के इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ एजेंडे का हिस्सा है। मुस्लिम पर्सनल लॉ पर हमला, मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर हमला, आए दिन दंगा, लव जिहाद, घर वापसी, गाय और गाय मांस के नाम पर हत्या एक संगठित साजिश का हिस्सा हैं। डायनेमिक मुसलमानों को शांत करने और उन्हें सबक सिखाने के इस योजना के तहत पहले भी विद्वानों को आतंकवाद के झूठे आरोप लगाकर बंद किया जाता रहा है। इसका ताजा शिकार ज़ाकिर नायक हैं।

डॉक्टर जफर इस्लाम ने चेतावनी दी कि अगर हमने इस साजिश को न पहचाना और उसके खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की तो जल्द ही यह आग हमारे घरों तक पहुंचेगी तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। धर्म, मसलक और क्षेत्रों में यह आग कोई भेदभाव नहीं करती है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत है कि मामले की गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और मौजूदा सरकार को साफ तरीके से बता दिया जाए कि यह आक्रामक रवैया मिल्लत को स्वीकार नहीं है।

TOPPOPULARRECENT