Friday , November 24 2017
Home / Khaas Khabar / डॉ जाकिर नाईक के ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ को भारत सरकार ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में डाला

डॉ जाकिर नाईक के ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ को भारत सरकार ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में डाला

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने जाकिर नाईक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) समेत 17 गैर कानूनी संगठनों को प्रतिबंधित सूची में डाला है। जाकिर नाईक के संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को 17 नवंबर 2016 की अधिसूचना के तहत प्रतिबंधित सूची में डाला गया ।

इसके साथ ही आतंकवादी संगठन अलकायदा, इस्लामिक स्टेट, आईएसआईएस, सीरिया से संचालित दायेश सहित करीब 38 आतंकी संगठनों एवं संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित समूहों में डाल गया है।

मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 के तहत देश और विदेशों के 38 संगठनों तथा संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधित समूहों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इन प्रतिबंधित संगठनों में लश्कर ए तैयबा या पासबान ए अहले हदीस, जैश ए मोहम्मद या तहरीक ए फुरकान, हरकत उल मुजाहिदीन या हरकत उल अंसार या हरकत उल जेहाद ए इस्लामी या अंसार उल उम्मा शामिल है। इसके अलावा इस सूची में हिजबुल मुजाहिदीन या हिजबुल मुजाहिदीन पीर पंजाल रेजिमेंट, अल उमर मुजाहिदीन, इस्लामिक स्टेट, आईएसआईएस, सीरिया से संचालित दायेश जैसे आतंकी संगठन शामिल हैं ।

गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडेरेशन, जम्मू कश्मीर इस्लामिक फ्रंट, उल्फा, असम स्थित नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड, पीपुल्स लिबरेशन आमीर्, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट, कांग्लीपाक कम्यूनिस्ट पार्टी, कांग्ली याओल कांबा लूप शामिल है।

सूचना का अधिकार के तहत गह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित संगठनों की सूची में संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद रोकथाम एवं दमन (सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुपालन) आदेश 2007 की अनुसूची में दर्ज संगठनों को भी शामिल किया गया है।

गृह मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 की धारा 35 के तहत प्रतिबंधित संगठनों की सूची में मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट, आल त्रिपुरा टाइगर्स फोर्स, नेशनल टाइगर्स फ्रंट आफ त्रिपुरा, लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्ट), स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया, दीनदार अंजुमन, कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मर्कसवादी लेनिनवादी) पीपुल्स वार एवं उससे जुड़े संगठन शामिल हैं।

इस सूची में माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर, अल बदर, जमियत उल मुजाहिदीन, दुख्तरान ए मिल्लत, तमिलनाडु लिबरेशन आमीर्, तमिल नेशनल रिट्राइवल ट्र्रूप्स, अखिल भारतीय नेपाली एकता समाज, कामतापुर लिबरेशन आर्गेनाइजेशन एवं उससे जुड़े संगठन, नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नगालैंड (खापलांग), एनएससीएन (के) शामिल हैं।

आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम 1967 में 2008 में किये गए संशोधन के तहत अनेक संगठनों को गैर कानूनी संगठन घोषित किया गया है । इन संगठनों में स्टूडेंड इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया, उल्फा, नेशनल डेमोक्रैटिक फ्रंट आफ बोडोलैंड, दीमा हलाम दाओगाह :जोएल:, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट, पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पाटीर् आफ कांग्लीपाक, कांग्लीपाक कम्युनिस्ट पार्टी, कांग्लेई याओल कान्बा लूप, मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट शामिल हैं ।

इन गैर कानूनी संगठनों की सूची में आल त्रिपुरा टाइगर फोर्स, नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ त्रिपुरा, हनीट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल, लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे), नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल आफ नगालैंड (खापलांग), एनएससीएन (के) तथा जाकिर नाइक का संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन शामिल हैं।

TOPPOPULARRECENT