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जाट आन्दोलन: पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुँचाने वाले और हर्जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन बनाने का हुक्म दिया

नई दिल्ली  : हरियाणा में जाट आंदोलन और गुजरात में पटेल आंदोलन के दौरान पब्लिक प्रॉपर्टी को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है इस हादसे को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। आला कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने आंदोलन के दौरान पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों और पोलिटिकल पार्टीज से नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।हम लोगों को आंदोलन के नाम पर कौम की प्रोपेर्टी को जलाने और देश को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दे सकते। कोर्ट ने पब्लिक प्रॉपर्टी  को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के लिए गाइडलाइन बनाने के हुक्म दिए।कोर्ट ने कहा उन्हीं लोगों से इसकी भरपाई करनी चाहिए जो पब्लिक प्रोपर्टी को नुकसान पहुंचाते हैं।

सुप्रीम कोर्ट गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें उन्होंने देशद्रोह के इल्जामों को चुनौती दी थी।कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपनी पिछली सुनवाई में हार्दिक पटेल द्वारा बीते साल गुजरात में चलाए गए पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए पब्लिक प्रॉपर्टी के नुकसान पर चर्चा की थी।सुप्रीम कोर्ट के जज जेएस खेहर की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि भाजपा, कांग्रेस या अन्य कोई भी पार्टी हो उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि आंदोलन के दौरान पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।Indian Industry Federation ने बताया है कि बीते सप्ताह जाट आंदोलन के दौरान उत्तर भारत के राज्यों को 34 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी का नुकसान पहुंचा है।

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