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जाट हिंसा में इंडस्ट्रीज़ तबाह, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने लगाया करोडों का जुर्माना

हरियाणा :तशद्दुद की आग ने प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ को भस्म कर दिया है। इंडस्ट्रीज़ में पैदावार तो ठप हुआ ही, अब गैर मुल्की जुर्माना भी लगा रहे हैं। प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ पर जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने 3 करोड़ का जुर्माना लगाया है। क्योंकि गैर मुल्की के ऑर्डर पहुंचाने में देरी होने पर हर सप्ताह के आधार पर जुर्माना लगाया जाता है। पहले जाट आरक्षण आंदोलन में एक सप्ताह तक रास्ता बंद होने से 50 फैक्ट्रियां पेनाल्टी की जद में आई। वहीं अब उन फैक्ट्रियों पर विदेशियों की पेनाल्टी बढ़ती जा रही है, जिनको आन्दोलनकारी ने नुकसान पहुंचाया है या जला दिया है।जलाए गए इंडस्ट्रीज़ में एक महीने तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद नहीं है।नुकसान केवल जुर्माने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे हरियाणा की कंपनियों के विदेशों में हुए करार पर भी फर्क पड़ेगा।

समय पर ऑर्डर पूरा नहीं होने के कारण जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, हालैंड, इंग्लैंड, इटली आदि देशों ने प्रदेश के इंडस्ट्रीज़ पर लगभग 3 करोड़ की पेनाल्टी ठोंक दी है। क्योंकि यहां से इन सभी देशों में ऑटोमोबाइल्स, कृषि समेत अन्य सामान सप्लाई होता है। बाहरी देशों से जब सामान का ऑर्डर मिलता है तो उसके साथ ही कुछ नियम भी बना दिए जाते हैं। उन नियमों में एक यह भी शामिल है कि अगर ऑर्डर एक सप्ताह से ज्यादा देरी से पहुंचा तो कंपनी को जुर्माना भरना होगा। इस नियम की जद में यहां की 50 से अधिक कंपनी आ गई हैं। इनमें रोहतक, झज्जर, हिसार, भिवानी, पानीपत के उद्योग शामिल हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन उद्योगों को है, जिनमें उपद्रवियों ने तोड़फोड़ करके आग लगा दी।

यहां 20 से ज्यादा ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिनके ऑर्डर पूरे नहीं होने से 100 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो रहा है और ऊपर से जुर्माना ठोका जा रहा है। डर ये है कि इंतजार लंबा होने के कारण कहीं विदेशी कंपनियां करार न तोड़ लें।उपद्रव में फैक्ट्री को आग लगा दी गई थी। अब एक माह तक उत्पादन होने की उम्मीद नहीं है। फैक्ट्री से सामान यूरोप के कई देशों में जाता है, जहां सप्लाई नहीं होने के कारण पेनाल्टी लगा दी गई है। वहां साख भी खराब हो रही है और उससे करार पर भी फर्क पड़ा है।

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