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जानिए क्यों, कोई भी नागरिक आधार को नहीं करा सकता है रद्द?

नई दिल्ली। अगर आप आधार में पंजीकृत हो चुके हैं तो यह जान लीजिये कि कोई नागरिक इसे रद्द नहीं करा सकता है, यानी आधार को चाहकर भी नहीं छोड़ सकता है। कानून में ऐसा अधिकार नागरिक को नहीं दिया गया है, इसलिए ऐसा करना मुमकिन ही नहीं है। जैसे जन्म प्रमाण पत्र, कॉलेज-स्कूल डिग्री या पासपोर्ट का विस्तार नहीं खत्म कराया जा सकता।

पूर्वोत्तर के मेघालय समेत देश में कई स्थानों पर हजार से भी ज्यादा लोग आधार को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर विशिष्ट पहचान-पत्र प्राधिकरण के मुताबिक आधार में पंजीकरण या निजी जानकारी अपडेट कराना आधार अधिनियम-2016 के तहत मान्य है। देश का कोई नागरिक 12 अंक के विशिष्ट पहचान नंबर यानी आधार में पंजीकरण के बाद बाहर नहीं निकल सकता है। अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

प्राधिकरण के अनुसार किसी भी नागरिक को देश के कानून से बाहर निकलने का अधिकार नहीं है। कुछ लोग आयकर अधिनियम के दायरे में नहीं आते हों और वे शायद पैनकार्ड डाटा खत्म कराना चाहें, क्या वे ऐसा करा सकते हैं? या क्या वे जन्म प्रमाण-पत्र, कॉलेज-स्कूल डिग्री या पासपोर्ट विस्तार से बाहर (खत्म) आने का आवेदन कर सकते हैं? मेघालय में इस मसले पर लोग अभियान चला रहे हैं।

प्राधिकरण के मुताबिक सरकार द्वारा देश के आर्थिक तंत्र संबंधी सेवाएं बेहतर, पारदर्शी, कुशल और प्रभावी तरीके से प्रदान करने के लिए आधार प्रणाली का इस्तेमाल देश के सभी लोगों के लिये किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के विकास और अर्थव्यवस्था में आगे बढ़कर योगदान देना भी शामिल है।

आधार की क्षमता में बदलाव लाने और लोगों के सशक्तिकरण में विशिष्ट पहचान की पुष्टी ध्यान में रखते हुए है। गौरतलब है कि यूआईडीएआई के अनुसार आधार कानून और संस्कृति को प्रभावित किये बिना लोगों को सीधे लाभ पहुंचा रहा है। यह नागरिक और सरकार के बीच पारदर्शी शासन की ऑनलाइन व्यवस्था है। इसमें सेंध लगने की संभावना लगभग शून्य है जो योजनाओं पर आधारित है।

सरकार का निर्णय है कि सुशासन के लिए भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र और सीमित उपलब्ध संसाधनों से बेहतर सुरक्षित भारत बनाया जाए जिसमें कोई भी पीछे नहीं छूटे और विकास का लाभ वंचित लोगों को मिले। वास्तविक हकदारों को सेवाओं, सब्सिडी का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी मुश्किल के जरिये भेजा जा रहा है।

आधार की संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए टैक्स अनुपूरक समाज बनाने और समाज के हाशिये पर रहने वालों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

सौजन्य- हिन्दुस्तान

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