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जानिए: रेप पर दुनिया के देशों में कानून, सात मुस्लिम देशों में फांसी का प्रावधान

हिन्दुस्तान में मासूमों के दरिंदों को अब सीधे फांसी दी जाएगी। सरकार इसके लिए अध्यादेश ले आई है, जिसके बाद कानून बनाया जाएगा। अब 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को उम्रकैद या फिर फांसी के फंदे पर झूला दिया जाएगा। मासूम बेटियों को बचाने के लिए ये हिन्दुस्तान की सरकार का अब तक का सबसे बड़ा फैसला है।

सरकार ने POSCO यानी protection of children against sexual offences एक्ट में बदलाव की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला लिया है कि 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को न्यूनतम 20 साल या उम्रकैद या फिर फांसी की सजा मिलेगी।

मतलब 12 साल से कम उम्र की बच्ची से रेप होता है। लेकिन मर्डर नहीं किया जाता तब भी रेप के दोषी को कम से कम 20 साल या उम्रकैद या फांसी दी जाएगी। इतना ही नहीं बलात्कार के सभी मामलों जांच 2 महीने में पूरी करनी होगी। 6 महीने के अंदर बलात्कार के सभी मामलों का निपटारा करना होगा।

मतलब रेप के केस में दोषी अगर ये सोचता है कि अदालती कार्रवाई में उलझा कर वो ज्यादा दिन तक जिंदा रह सकता है तो फिर ये भी अब नहीं होने वाला है। अब न तारीख पर तारीख मिलेगी, अब फटाफट ट्रायल और फटाफट फैसला होगा। 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों के लिए ही नहीं सरकार ने सभी उम्र की लड़कियों और महिलाओं से रेप के मामले में भी नया कानून लाने का फैसला कर लिया है।

अब 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप के दोषी को न्यूनतम 10 साल की सजा को बढ़ाकर 20 साल या फिर उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया है। 16 साल से कम उम्र की लड़की से गैंगरेप के दोषियों को सीधे उम्रकैद की सजा मिलेगी। महिला से बलात्कार के दोषी की सजा को 7 साल से बढ़ाकर 10 साल या फिर उम्रकैद हो सकती है। उम्रकैद का मतलब जब तक जिंदा है तब तक जेल में रहेगा।

केंद्रीय कैबिनेट ने ये भी फैसला लिया है कि 16 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप या गैंगरेप के मामले में किसी भी कीमत पर अंतरिम जमानत नहीं मिलेगी। इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए सरकार अध्यादेश ले आई है। बाद में 6 महीने के अंदर संसद के जरिए हमेशा हमेशा के लिए कानून बना दिया जाएगा।

अब आपको बताते हैं दुनिया के दूसरे मुल्कों में रेप के दोषियों के लिए कैसा कानून है। भारत को मिलाकर दुनिया के 9 देशों में अब रेप के दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान है।

1: सऊदी अरब
2: बांग्लादेश
3: जापान
4: ईरान
5: पाकिस्तान
6: क्यूबा
7: अमेरिका के लुसियाना और फ्लोरिडा

पहले पूरे अमेरिका में बच्चों के साथ रेप की सजा मौत थी, लेकिन 2008 में इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया गया। दलील दी गई कि जिस मामले में मौत नहीं हुई उसमें सजा-ए-मौत देना ठीक नहीं यानी सजा जुर्म से ज्यादा बड़ी है।

8: मलयेशिया में बच्चों से रेप मामले में सबसे ज्यादा 30 साल जेल और कोड़े मारने की सजा मिलती है।
9: ऑस्ट्रेलिया में मासूमों से रेप दोषियों को 15 साल से 25 साल तक जेल होती है।

10: इंग्लैंड में बच्चों के साथ रेप पर 6 साल से 19 साल की जेल से लेकर उम्रकैद तक का प्रावधान है।

11: जर्मनी में मासूमों से रेप के बाद मौत पर उम्र कैद की सजा तय है।
12: जर्मनी में रेप पर अधिकतम 10 साल जेल की सजा होती है।
13: सिंगापुर में 14 साल तक के बच्चे से रेप पर दोषी को 20 साल जेल और कोड़े मारने की सजा दी जाती है। दोषी पर जुर्माना का भी प्रावधान है।

14: जिन देशों में मौत की सज़ा नहीं है। उनमें बच्चों के साथ रेप पर सबसे सख़्त क़ानून फ़िलीपींस में है। वहां बच्चों से रेप साबित होने पर दोषी को बिना पैरोल के 40 साल जेल तक की सज़ा हो सकती है।
15: कनाडा में बच्चों से रेप के दोषियों को 14 साल जेल की सजा हो सकती है।

16: दक्षिण अफ्रीका में रेप का दोषी पाए जाने पर पहली बार में 15 साल जेल की सजा का प्रावधान है। दूसरी बार, दोषी पाए जाने पर 20 साल और तीसरी बार में 25 साल की जेल होती है।

दुनिया में मासूमों के साथ रेप की इतनी सख्त सजा होने के बाद भी रेप अपराधों को साबित करने की प्रक्रिया इतनी जटिल, सुस्त और लापरवाही वाली है कि ज्यादातर मामलों में अपराधी कानून के लंबे हाथों से बच निकलते हैं।

साभार- ‘न्यूज 24’

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