जानें ! गुजरात में भाजपा सरकार बनाने में कौन मदद किया, क्यों मोदी को एनसीपी और बसपा को धन्यवाद देना चाहिए?

जानें ! गुजरात में भाजपा सरकार बनाने में कौन मदद किया, क्यों मोदी को एनसीपी और बसपा को धन्यवाद देना चाहिए?
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नयी दिल्ली : गुजरात में भाजपा अपनी सरकार बचाने में कामयाब रही। जिसपर बीजेपी उत्साहित तो होगी लेकिन आशंकित भी कि क्या परिस्थिति आ गई है। मोदी और शाह के गृह राज्य में भाजपा एक समय हार के कगार पर पहुंच चुकी थी। जीत के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित करते हुए गुजरात की जनता का आभार व्यक्त किया लेकिन गुजरात में सरकार बनाने के लिए उन्हें अपने वोटर्स और भाजपा के अलावा भी किसी को आभार व्यक्त करना चाहिए, जिनके वोट काटने की वजह से ही गुजरात में भाजपा की सरकार बन पाई है।

मायावती के नेतृत्व वाली पार्टी बसपा और शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी का इसमें बेहद अहम रोल रहा है। 10 विधानसभा सीटें तो ऐसी हैं जहां पर भाजपा विरोधी वोट कट जाने की वजह से कांग्रेस बेहद कम मार्जिन से चुनाव हारी है, जबकि वहां पर चुनावी रण में उतरी एनसीपी और बीएसपी सिर्फ वोट काटने का काम कर रहे थे वो गंभीर होकर कैंपेनिंग नहीं कर रहे थे।

गोधरा में कांग्रेस उम्मीदवार से 258 वोट ज्यादा पाकर भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई, जबकि बसपा और एनसीपी को मिलाकर वहां पर 1215 वोट मिले थे। ऐसे ही धोलका विधानसभा में महज 327 वोटों से भाजपा की जीत हुई जबकि वहां पर बसपा और एनसीपी को मिलाकर 4337 वोट मिले थे। पोरबंदर में भाजपा उम्मीदवार 1855 वोटों से जीते, यानी कांग्रेस उम्मीदवार से जीत का मार्जिन 2000 से भी कम रहा। वहां पर बसपा और एनसीपी ने 4337 वोट हासिल किए।

ऐसी ही पूरे गुजरात में 10 विधानसभा सीटें रही हैं जहां कांग्रेस की हार के मार्जिन से ज्यादा वोट बसपा और एनसीपी को मिले । इन्हीं समीकरणों का आकलन करते हुए द टेलीग्राफ के एक रिपोर्टर ने अपने अखबार में एक एडिटोरियल लिखा है कि दस ऐसी सीट हैं जिसपर बसपा और एनसीपी की वजह से वोट कट जाने से कांग्रेस हार गई। अगर ऐसा ना होता तो कांग्रेस के हिस्से में 90 सीटें आती जबकि भाजपा के हिस्से में 89। ऐसे में कांग्रेस के पास सरकार बनाने का मौका होता क्योंकि जिग्नेश समेत दो विधायक कांग्रेस को ही समर्थन देते।

चार्ट में देखें जितनी 10 सीटों में, मायावती के बसपा और शरद पवार की एनसीपी ने एक दुसरे के मार्जिन की तुलना में अधिक वोटों आए जिसके द्वारा भाजपा विजेता ने कांग्रेस के उपविजेता को हराया।


एक औरपरिस्थिति की बात करते हुए वह लिखते हैं ‘अगर बसपा, एनसीपी और स्वतंत्र उम्मीदवारों की वोटों को देखा जाए तो 17 ऐसी सीट हैं जिसपर वोट कटने की वजह से कांग्रेस हार रही है। अगर ऐसा ना होता तो कांग्रेस 97 सीटों पर विजय पाती और भाजपा 85 सीट तक रुक जाती।वैसे तो लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का हक है और इन तमाम दलों ने इस अधिकार को आजमाया भी ।

अब गुजरात चुनाव के रिजल्ट आज आने के बाद आखिर तस्वीर ये है कि वहां पर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। हालांकि इसके लिए भाजपा को और पीएम मोदी को बसपा और एनसीपी का आभार व्यक्त करना चाहिए कि जाने अनजाने उनकी भागीदारी से ही भाजपा की सरकार फिर से बन रही है।

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