Wednesday , January 17 2018

जापानी नसल आइन्दा(अगले) एक हज़ार साल में ना पैद(खतम) होजाने का ख़तरा

जापानी तहक़ीक़ करने वालो(खोज लगाने वालों) ने आबादी के बारे में एक चौंका देने वाला इन्किशाफ़ किया है जिस से ज़ाहिर होता है कि जापानी नसल नज़रियाती एतबार से एक हज़ार साल की मुद्दत में नापैद होजाती है क्योंकि शरह पैदाइश तेज़ी से इन्हितात

जापानी तहक़ीक़ करने वालो(खोज लगाने वालों) ने आबादी के बारे में एक चौंका देने वाला इन्किशाफ़ किया है जिस से ज़ाहिर होता है कि जापानी नसल नज़रियाती एतबार से एक हज़ार साल की मुद्दत में नापैद होजाती है क्योंकि शरह पैदाइश तेज़ी से इन्हितात
पज़ीर(गिर रही) है।

जापानी शहर सीनडाई के मुहक़्क़िक़ीन ने इन्किशाफ़ किया है कि जापान की आबादी में एसे बच्चों की तादाद जिन की उम्र 14 साल से कम हो, सिर्फ एक करोड़ 66 लाख है और हर 100 सैकिण्ड में इस शरह में इन्हितात पैदा होता जारहा है। इस से ये निशानदेही होती है कि जापान में आइन्दा हज़ारि-ए‍में बच्चों की पैदाइश का सिलसिला ख़तन होजाएगा।
अगर शरह पैदाइश की इन्हितात का सिलसिला जारी रहे तो बच्चों की सालगिरा तक़ारीब मनाना बंद होजाएगा।

हीरोशि यवशीडा ने जो मआशियात के प्रोफेसर बराए टोकीयो यूनीवर्सिटी हैं, कहाकि एक हज़ार साल बाद कोई बच्चा जापानी क़ौम में बाक़ी नहीं रहेगा।

उन्हों ने कहाकि बहैसीयत मजमूई शरह पैदाइश में इन्हितात का ये रुजहान जापानी क़ौम के नापैद होजाने की वजह बन जाएगा। शरह पैदाइश में ये इन्हितात 1975 से शुरू हुआ था जबकि शरह पैदाइश 2 फ़ीसद होगई है। यवशीडा ने कहा कि उन्हों ने नादि की एक घड़ी ईजाद की है ताकि इस मसला पर आजलाना(बहुत जयादा) बुनियाद पर तबादला-ए-ख़्याल(सोच वीचार) की हौसला अफ़्ज़ाई की जा सके।

एक और तहक़ीक़ जो हाल ही में शाय की गई है, इन्किशाफ़ करती है कि जापान की आबादी सुक‌ड़ कर सिर्फ एक तिहाई यानी 12 करोड़ 75 लाख होजाने का अंदेशा है। ये कमी सिर्फ़ आइन्दा 100 साल में वाके होगी। सरकारी पेश क़ियासी से ज़ाहिर होता है कि शरह पैदाइश अब सिर्फ 1.35 बच्चे फ़ी ख़ातून होगई है और अगर यही रुजहान जारी रहा तो 50 साल के अंदर शरह पैदाइश क़ाबिल नजरअंदाज़ होजाएगी।

दरीं असना ख़वातीन की उम्र दराज़ी का फ़ीसद तवक़्क़ो है कि 86.39 साल होजाएगी। मर्दों के लिए ये औसत 79.64 साल रह जाएगा

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