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जापान में ताक़तवर ज़लज़ला और सूनामी

जापान का शुमाल मशरिक़ी साहिल आज एक ज़ेर समुंद्र ताक़तवर तरीन ज़लज़ला के बाद एक मीटर बुलंद सूनामी की ज़द में आगया। ये साहिली इलाक़ा गुज़शता साल भी बदतरीन ज़लज़ला और सूनामी का शिकार हुआ था। महकमा तबक़ात-उल-अरज़ के माहिरीन ने कहा है कि साहि

जापान का शुमाल मशरिक़ी साहिल आज एक ज़ेर समुंद्र ताक़तवर तरीन ज़लज़ला के बाद एक मीटर बुलंद सूनामी की ज़द में आगया। ये साहिली इलाक़ा गुज़शता साल भी बदतरीन ज़लज़ला और सूनामी का शिकार हुआ था। महकमा तबक़ात-उल-अरज़ के माहिरीन ने कहा है कि साहिली शहर आज मुक़ामी वक़्त के मुताबिक़ शाम 6 बजे एशीनोमाकी एक मीटर बुलंद सूनामी की लहर में बह गया।

ये इलाक़ा 2011 की सूनामी में भी बदतरीन तबाह कारीयों का शिकार हुआ था, जहां बैयकवक़्त ज़लज़ला और सूनामी के नतीजा में हज़ारों अफ़राद लुकमा-ए-अजल बन गए थे। ताहम आज के ताज़ा तरीन ज़लज़ला और सूनामी में जानी-ओ-माली नुक़्सानात की ताहाल कोई इत्तिला मौसूल नहीं हुई है।

अमरीकी महकमा तबक़ात-उल-अरज़ ने भी इस ज़लज़ला को रिकार्ड किया है जिस की शिद्दत रीख़तर स्केल 7.3 थी। जापानी रियासत मेहगी के कम से कम एक टाऊन मीनामीसानरीको में मुक़ामी अफ़राद को हिफ़ाज़ती इक़दामात कर लेने का मश्वरा दिया गया है।

मौसूला इत्तिलाआत के मुताबिक़ दीगर टाऊ‍ंस भी आज के ज़लज़ला और सूनामी से मुतास्सिर हुए हैं। इस टाउन के ओहदेदार रियो अची ओमोरी ने ए एफ़ पी से कहा कि हम ने लोगों से कह दिया है कि वो अपने घरों का तख़लिया करते हुए ऊंचे मैदानी इलाक़ों को मुंतक़िल हो जाएं क्योंकि इस इलाक़ा में ग़ुरूब आफ़ताब के बाद तारीकी फैल चुकी है।

इलावा अज़ीं लैंड लेन और मोबाईल फ़ोन काम नहीं कररहे हैं, जिस से अवाम की नक़ल-ओ-हरकत के बारे में इलम-ओ-इत्तिला रखना दुशवार हो गया है। उन्हों ने मज़ीद कहा कि अगरचे आज का ज़लज़ला ज़्यादा ख़तरनाक तो नहीं था लेकिन बहुत ताक़तवर महसूस किया गया है।

गुज़शता साल के मुक़ाबला में ये बहुत ज़्यादा बड़ा नहीं था। जापान के सरकारी नशरियाती इदारा एन ऐच के से वक़फ़ा वक़फ़ा से ये मश्वरा नशर किया जा रहा था कि अवाम महफ़ूज़ मुक़ामात को मुंतक़िल होजाएं क्योंकि माबाद ज़लज़ला होने वाले झटकों से टोकीयो की इमारतें बुरी तरह दहलती महसूस की गई हैं।

नशरिया में ये भी कहा गया था कि गुज़शता साल का ज़लज़ला और सूनामी याद रखें और अपने पड़ोसीयों को भी अपने साथ ऊंचे मैदानी इलाक़ों को ले चलें। ज़लज़ला का मब्दा शुमाल मशरिक़ी टोकयो से 459 केलो मीटर दूर सीनडाई टाउन के मशरिक़ में था।

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