Friday , December 15 2017

जापान में हलाल ग़िज़ा के पुरकशिश तिजारती मवाक़े

आलमी मंडी में नए तिजारती मवाक़े से इस्तिफ़ा दे की कोशिश में जो ज़ाइद अज़ 600 बिलीयन अमरीकी डालर की क़दर के बताए जाते हैं, जापानी ग़िज़ाई और सयाहत के कारोबार वाले मुस्लिम ग्राहकों पर नज़रें मर्कूज़ कर रहे हैं और ऐसी ग़िज़ाई और दीगर अ

आलमी मंडी में नए तिजारती मवाक़े से इस्तिफ़ा दे की कोशिश में जो ज़ाइद अज़ 600 बिलीयन अमरीकी डालर की क़दर के बताए जाते हैं, जापानी ग़िज़ाई और सयाहत के कारोबार वाले मुस्लिम ग्राहकों पर नज़रें मर्कूज़ कर रहे हैं और ऐसी ग़िज़ाई और दीगर अशीया और ख़िदमात की पेशकश करने लगे हैं जिन में हलाल के इस्लामी क़वानीन की तामील होती है।

मलेशीया के एक टूरिस्ट अहमद ख़ज़ीमी अबदुर्रशीद ने जो सौमय्या कियानी शयाज़ाबो रेसटोरेंट गए, कहा, अगर ये रेसटोरेंटस ना होते तो मुझे सब्ज़ी ख़ोरी या मलाइशयाई ग़िज़ा पर इन्हिसार करना पड़ता ताकि ग़िज़ा हलाल होने का यक़ीन रहे, हालाँकि मुक़ामी जापानी ग़िज़ाएं चखने का इश्तियाक़ है।
सौमय्या कियाने जापान में हलाल कंसल्टिंग फ़र्म से सनद लेने के बाद मार्च 2012-में हलाल याकीनीको मेन्यू मुतआरिफ़ कराया। तब से इस शाप में मुस्लिम ग्राहकों की तादाद में इज़ाफ़ा ही देखने में आरहा है।

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