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जामिआ निज़ामीया और सियासत के ज़ेर-ए-एहतेमाम दीनी गरमाई कोर्सस

तहज़ीब-ओ-तमद्दुन ,अख़लाक़-ओ-किरदार नेक जज़बात का फ़रोग़ जज़बा फ़िक्र-ओ-अमल के बगै़र एक क़ौम का तसव्वुर नहीं किया जा सकता और ये तमाम चीज़ें इलम के बगै़र हासिल नहीं होतीं ,इस्लाम दुनिया का वाहिद मज़हब है जिस ने इलम की एहमीयत-ओ-इफ़ादी

तहज़ीब-ओ-तमद्दुन ,अख़लाक़-ओ-किरदार नेक जज़बात का फ़रोग़ जज़बा फ़िक्र-ओ-अमल के बगै़र एक क़ौम का तसव्वुर नहीं किया जा सकता और ये तमाम चीज़ें इलम के बगै़र हासिल नहीं होतीं ,इस्लाम दुनिया का वाहिद मज़हब है जिस ने इलम की एहमीयत-ओ-इफ़ादीयत और अज़मत का क़ाइल है बल्कि सब से पहले वो शऊर-ओ-फ़िक्र की राहों को मुनव्वर करता है और दौर-ए-हाज़िर में नई नई ईजादात और इन्किशाफ़ात ने सारी दुनिया में एक तहलका मचा रखा है

,माद्दियत ज़दा इंसान को आज बेराह रवी ,फ़ह्हाशी ,धोका दही ,हक़तलफ़ी और मुख़्तलिफ़ जराइम का सामना है इस का ईलाज सिर्फ और सिर्फ दीनी और अख़लाक़ी तालीम के ज़रीया ही हो सकता है ।

इस्लाम ने बचपन के इलम को पत्थर का नक़्श क़रार दिया है । जहेज़ , नाजायज़ मुतालिबात , बेजा रसूमात ,तलाक़ के वाक़ियात और इर्तिदाद ने मुस्लिम मुआशरा की अक़दार को निहायत पेचीदा और गंभीर बनादिया है उन मसाइल का हल सिर्फ़ इस्लाम के दामन में है , उम्मत मुस्लिमा के इसी माहौल में फ़िक्री ,इलमी और अख़लाक़ी इन्क़िलाब बरपा करने की ख़ातिर

2003 में मुल़्क की 141 साला क़दीम-ओ-अज़ीम दरसगाह जामिआ निज़ामीया और मुल्क के मशहूर- अख़बार रोज़नामा सियासत हैदराबाद के इश्तिराक से नोनेहालान उम्मत और दुख़तरान-ए- मिल्लत को बुनियादी दीनी तालीम से वाक़िफ़ करवाने गरमाई तातीलात में एक ख़ुसूसी कोर्स का आग़ाज़ किया गया।

अलहमदु लिल्लाह इस कोशिश से शहर और अज़ला के हज़ारों तलबा-ओ-तालिबात ने आदाब ज़िंदगी ,वालदैन-ओ-बुज़ुर्गों का एहतिराम, पड़ोसीयों के हुक़ूक़ ,अच्छे किरदार-ओ-अमल और अच्छे मुस्लमान के साथ एक अच्छे शहरी बन कर ज़िंदगी गुज़ारने के बुनियादी उसूलों से आगही हासिल की । अंग्रेज़ी स्कूलस की गरमाई तातीलात उसके हासिल करने का बेहतर वक़्त होते हैं

चुनांचे हर साल की तरह इस साल भी इस अख़लाक़ी-ओ-दीनी तालीम के नज़म को मज़ीद वुसअत के साथ दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद के इलावा अज़ला में भी क़ायम-ओ-बरक़रार रखा गया है । दस साल से जारी इस तालीमी नज़म को मज़ीद बाक़ायदगी और फ़रोग़ देने के लिए आज मुल्क के मक़बूल रोज़नामा सियासत के दफ़्तर पर मुफ़क्किर इस्लाम मौलाना मुफ़्ती ख़लील अहमद शेख़ उल जामेआ निज़ामीया ,

जनाब मौलवी सैयद अहमद अली कादरी मोतमद जामिआ निज़ामीया ,मौलाना हाफ़िज़ मुहम्मद उबीद उल्लाह फ़हीम कादरी मुल्तानी ,मुंतज़िम दफ़्तर मोतमदी के साथ मुदीर आला रोज़नामा सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ,न्यूज़ ऐडीटर जनाब आमिर अली ख़ान और जनरल मैनेजर मीर शुजाअत अली के हमराह मुशावरती इजलास मुनाक़िद हुआ जिस में इत्तिफ़ाक़ राय से ये तए पाया कि इस साल भी देनी तालीमी गरमाई कोर्स की जमातों का नज़म जारी रखते हुए

24 अप्रैल ता यक्म जून 2012 इनइक़ाद अमल में आएगा उन क्लासेस के औक़ात तालीम 3.30 बजेता 5.30 दिन होंगे । फ़रोग़ इलम-ओ-फ़न के ख़ाहिशमंद , मिल्लत के दर्द मंद और असरी तालीम के मदारिस के ज़िम्मेदार अस्हाब जो ख़ुसूसी गरमाई दीनी जमातों का नज़म अपने मदारिस में करना चाहते हैं अपने मतबूआ लेटर पेड पर एक दरख़ास्त हज़रत-शैख़ उल जामिआ साहिब जामिआ निज़ामीया हैदराबाद के नाम तहरीर कर के पेश करें ।

दरख़ास्तें जामिआ निज़ामीया को ज़रीया फैक्स नंबर 040-24503267 और रोज़नामा सियासत के फैक्स नंबर 040-24610379पर भी रवाना की जा सकती हैं ।

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