Sunday , December 17 2017

जामिआ निज़ामीया हैदराबाद , इस्लामी तहज़ीब-ओ-इशाअत इलम-ए-दीन (धर्मशास्त्र‌)का गहवारा(पालना)

हैदराबाद २३ अक्टूबर: मौलाना मुहम्मद ख़्वाजा शरीफ़ शेख़ अलहदीस जामिआ निज़ामीया , मौलाना हाफ़िज़ मुहम्मद अबदुल्लाह क़ुरैशी अज़हरी नायब शेख़ इलजा मआ , मौलाना डाक्टर मुहम्मद सैफ-उल्लाह शेख़ अलादब जामिआ निज़ामीया , मौलाना सय्यद अज़

हैदराबाद २३ अक्टूबर: मौलाना मुहम्मद ख़्वाजा शरीफ़ शेख़ अलहदीस जामिआ निज़ामीया , मौलाना हाफ़िज़ मुहम्मद अबदुल्लाह क़ुरैशी अज़हरी नायब शेख़ इलजा मआ , मौलाना डाक्टर मुहम्मद सैफ-उल्लाह शेख़ अलादब जामिआ निज़ामीया , मौलाना सय्यद अज़ीज़ उल्लाह कादरी शेख़ अलमाक़ोलात जामिआ निज़ामीया , मौलाना डाक्टर मुहम्मद अबदुलमजीद , मौलाना सय्यद मुहम्मद सिद्दीक़ हुसैनी सज्जादा नशीन दरगाह हज़रत महबूब अल्लाह , मौलाना सय्यद बहा-ए-उद्दीन फ़ारूक़ अनजीनईर , मौलवी यूसुफ़ मुही उद्दीन , मौलाना मुहम्मद समीअ उल्लाह ख़ान , मौलाना सय्यद मुहम्मद क़बूल पाशाह शतारी ( मोतमिद सदर मजलिस उल्मा दक्कन ) मौलाना डाक्टर बदी उद्दीन साबरी , जनाब सय्यद अहमद मौलाना सय्यद शाह ज़हीरउद्दीन अली सूफ़ी , जनाब मीर उम्र अली ख़ान , मौलाना सय्यद असग़र कादरी शरफ़ी , मौलाना सय्यद मुहम्मद नासिर उद्दीन जीलानी , मुअज़्ज़िज़ अराकीन मजलिस इंतिज़ामी जामिआ निज़ामीया ने अपने मुशतर्का ब्यान में कहा कि सरज़मीन दक्कन की एक किरण-ओ-रुबा सदी से सरचश्मा इलम-ओ-मंबा फ़्यूज़-ओ-बरकात बनी हुई शहर आफ़ाक़ दीनी दरसगाह जामिआ निज़ामीया , मुहताज तआरुफ़ नहीं , जामिआ निज़ामीया का वजूद बाबरकत मिल्लत-ए-इस्लामीया हिंद का अज़ीज़ विरसा भी है और सरमाया इफ़्तिख़ार भी । उल्मा हक़ के जज़बा ईसार क़ुर्बानी का मज़हर जहद-ओ-इख़लास की लाज़वाल निशानी , इलम-ओ-मार्फ़त का हुसैन इमतिज़ाज और इस माद्दी वाला दीनी दुनिया में इस्लामी तहज़ीब-ओ-तमद्दुन दीनी आसार-ओ-इक़दार का नक़ीब है ।

इल्म-ओ-रूहानियत की इस क़दीम-ओ-अज़ीम दरसगाह के फ़ैज़ याफ़ता उल्मा ना सिर्फ हिंद बल्कि दुनिया के बेशतर ममालिक में तब्लीग़-ओ-तदरीस के मुक़द्दस फ़राइज़ अंजाम दे रहे हैं ।

अलहम्द अल्लाह जामिआ निज़ामीया मुसलसल ख़ामोशी के साथ इलम-ए-दीन की इशाअत और दीन मुबय्यन की हिफ़ाज़त में मसरूफ़ है । जामिआ निज़ामीया में दो अहम तामीराती काम जारी हैं । एक दार-उल-अक़ामा की इमारत जो क़दीम होने के वजह से मुनहदिम की जाकर जदीद असरी तक़ाज़ों से हम आहंग तामीर की जा रही है । इस इमारत की तामीर से 1000 एक हज़ार तलबा-ए-के क़ियाम की गुंजाइश रहेगी ।

जिस पर तक़रीबन 70 लाख रुपय के मसारिफ़ आइद हो रहे हैं । अह्ले ख़ैर हज़रात की तवज्जा की ज़रूरत है । जामिआ निज़ामीया के जुमला मसारिफ़ क़ौमी अतयात और ममलूका जायदाद की महिदूद आमदनी से होते हैं । आमदनी-ओ-ख़र्च की ऑडिट होती है । अह्ले ख़ैर हज़रात और ताजरीन से अपील है कि वो इस इदारा का मुआइना करें और अर्बाब जामिआ से तफ़सीलात(विवरण‌) मालूम करें ।

ईद-उल-अज़हा के मसऊद मौक़ा पर चर्म क़ुर्बानी-ओ-अतयात से तआवुन करें । जामिआ निज़ामीया शिबली गंज पर वसूल चर्म क़ुर्बानी का काउंटर क़ायम है यहां जमा करसकते हैं या मुहल्ला वारी ज़ेली मराकज़(केन्र्द‌) पर जमा कर सकते हैं या फ़ोन नंबरात 24503267/ 24576772/ 24416847 पर मतला (संपर्क‌)करें तो कारकुन आकर वसूली का काम अंजाम देंगे ।

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