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जामिया मिलिया और अलीगढ़ यूनीवर्सिटी के अक़िल्लीयती किरदार के तहफ़्फ़ुज़ का अज़म

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनीवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया के अक़िल्लीयती किरदार को मलियामेट करने के लिए मर्कज़ी हुकूमत के घिनौने अज़ाइम को नाकाम बनाने 8 अपोज़िशन जमातों बिशमोल कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बाएं बाज़ू की जमातें बाहम मुत्तहिद हो गई हैं।

इस मसले पर अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के मौक़िफ़ पर एतराज़ किया है।8 पार्टीयों से वाबस्ता अरकान-ए‍-पार्लियामेंट ने इस मसले पर दस्तख़ती मुहिम शुरू करने और सदर जम्हुरीया प्रण‌ब मुकर्जी से रुजू होने और पार्लियामेंट के बजट इजलास में उठाने का ऐलान किया है।

एक मुशतर्का सहाफ़ती बयान में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, जनता दल मुत्तहदा राष्ट्रीय जनता दल, एनसीपी, सीपीआई, सीपीऐम और आम आदमी पार्टी से वाबस्ता अरकान-ए‍-पार्लियामेंट ने एऐमयू और जेएमआई को अक़िल्लीयती किरदार से महरूम कर देने के लिए मर्कज़ हुकूमत के मज़मूम इक़दाम की शदीद मज़म्मत, नाराज़गी और फ़िक्र-ओ-तरद्दुद का इज़हार किया है।

अरकान-ए‍-पार्लियामेंट ने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के इस नुक़्ता-ए-नज़र की भी मज़म्मत की है कि मज़कूरा तालीमी इदारे अक़िल्लीयती किरदार के हामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अटार्नी जनरल आफ़ इंडिया का बयान काबिल-ए-मज़म्मत है जिन्होंने अदालत में ये इस्तिदलाल पेश करके गंगा जमुनी तहज़ीब की अज़ीम रिवायत को पामाल करने की कोशिश की कि मज़कूरा तालीमी इदारे अक़िल्लीयती मौक़िफ़ नहीं रखते।

अटार्नी जनरल के इस्तिदलाल पर तन्क़ीद करते हुए अरकान-ए‍-पार्लियामेंट ने इल्ज़ाम आइद किया कि उन्होंने ये दावा करते हुए जम्हूरी हिन्दुस्तान के आला इदारों की एहमीयत घटाने की कोशिश की है कि अरकान-ए‍-पार्लियामेंट एऐमयू और एएमआई को अक़िल्लीयती मौक़िफ़ अता करने के हक़ में नहीं थे। अरकान-ए‍-पार्लियामेंट ने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि बैन-उल-अक़वामी शौहरत-ए-याफ़ता इन तालीमी इदारों के ख़ुसूसी किरदार को ख़त्म करने के लिए हुकूमत नापाक एजंडे को रूबा अमल लाना चाहती है|

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