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जारीया माली साल तक़रीबन 6 फ़ीसद जी डी पी तरक़्क़ी मुतवक़्क़े

पैदावारी शोबे की तवक़्क़ो से कम कारकर्दगी के मुज़ाहिरे का सामना करने वाले वज़ीर-ए-आज़म के कलीदी मुशीर सी रंगा राजन ने आज शरह तरक़्क़ी बराए जारीया माली साल में कमी करते हुए कहाकि 6 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी मुतवक़्क़े है।

पैदावारी शोबे की तवक़्क़ो से कम कारकर्दगी के मुज़ाहिरे का सामना करने वाले वज़ीर-ए-आज़म के कलीदी मुशीर सी रंगा राजन ने आज शरह तरक़्क़ी बराए जारीया माली साल में कमी करते हुए कहाकि 6 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी मुतवक़्क़े है।

साबिक़ा तख़मीना के बमूजब 6.7 फ़ीसद तरक़्क़ी मुतवक़्क़े थी। वज़ीर-ए-आज़म की मआशी मुशावरती कौंसल के सदर नशीन सी रंगा राजन ने पी टी आई को इंटरव्यू देते हुए आज कहाकि पैदावार का शोबा परेशानकुन है चुनांचे साबिक़ा तुख़मीने में कमी करना ज़रूरी है

लेकिन तवक़्क़ो है कि माली साल के दूसरे निस्फ़ हिस्से में तरक़्क़ी की रफ़्तार तेज़ होजाएगी और बहैसीयत मजमूई जारीया माली साल में 6 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी मुतवक़्क़े है। माल साल 2012-13 -ए-के मआशी जायज़े की रिपोर्ट अगस्त में जारी की गई थी, जिस में हिंदूस्तानी मईशत की मुतवक़्क़े शरह तरक़्क़ी 6.7 फ़ीसद ज़ाहिर की गई थी।

रंगा राजन ने कहाकि दूसरी सहि माही में तवक़्क़ो है कि शरह तरक़्क़ी 5.5 फ़ीसद होगी। हालिया सनअती पैदावार के आदाद-ओ-शुमार में कोई बेहतरी पैदा नहीं हुई और ये सिर्फ़ 0.4 फ़ीसद थी। जबकि 2011-12 में ईसी मुद्दत के दौरान ये शरह तरक़्क़ी 5.6 फ़ीसद रह चुकी है। उन्हों ने तवक़्क़ो ज़ाहिर की कि अच्छी ज़रई पैदावार और सनअती सरगर्मीयों में इज़ाफ़ा के नतीजे में शरह तरक़्क़ी में भी इज़ाफ़ा होगा।

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