जारीया साल अफ़्ग़ानिस्तान में शहरीयों की हलाकत की तादाद ज़्यादा

जारीया साल अफ़्ग़ानिस्तान में शहरीयों की हलाकत की तादाद ज़्यादा
जारीया साल 2013 में इसी मुद्दत के मुक़ाबले में अफ़्ग़ान शहरीयों बाशमोल बच्चों की तशद्दुद में हलाकत की तादाद ज़्यादा है, क्योंकि फ़सादाद ज़्यादा तर ग़नजान आबाद इलाक़ों में घरों के क़रीब हो रहे हैं। अक़वामे मुत्तहिदा ने आज कहा कि एक परेशानकु

जारीया साल 2013 में इसी मुद्दत के मुक़ाबले में अफ़्ग़ान शहरीयों बाशमोल बच्चों की तशद्दुद में हलाकत की तादाद ज़्यादा है, क्योंकि फ़सादाद ज़्यादा तर ग़नजान आबाद इलाक़ों में घरों के क़रीब हो रहे हैं। अक़वामे मुत्तहिदा ने आज कहा कि एक परेशानकुन रुजहान ये है कि तालिबान और दीगर अस्करीयत पसंद ज़्यादा जुर्रत मंद हो गए हैं।

अफ़्ग़ान फ़ौज पर जो कलीदी रास्तों पर कंट्रोल के लिए जंग में मसरूफ़ हैं ताकि अमरीकी और इत्तिहादी फ़ौजीयों के 2014 में तख़लिया से क़ब्ल अपना कंट्रोल क़ायम कर सकें, हमलों में इज़ाफ़ा हो गया है।

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