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जिया की बेवा को मुआवजे में चाहिए डीएसपी का ओहदा

देवरिया, 07 मार्च : प्रतापगढ़ के कुंडा में मारे गए डीएसपी जिया-उल-हक की बीवी और वालिद में सरकारी नौकरी लेने के मुद्दे पर तकरार हो गई है। डीएसपी की मौत के बाद रियासती हुकूमत ने अरकान खानदान के पांच मेम्बरों को उनकी सलाहियत के मुताबि

देवरिया, 07 मार्च : प्रतापगढ़ के कुंडा में मारे गए डीएसपी जिया-उल-हक की बीवी और वालिद में सरकारी नौकरी लेने के मुद्दे पर तकरार हो गई है। डीएसपी की मौत के बाद रियासती हुकूमत ने अरकान खानदान के पांच मेम्बरों को उनकी सलाहियत के मुताबिक नौकरी देने का यकीन दहानी करायी है ।

म्ररहूम डीएसपी की बीवी परवीन आजाद ने सरकारी नौकरियों के लिए जो लिस्ट बनाई है, उसमें अपने मायके वालों के नाम भी शामिल कर लिए हैं। यही नहीं, परवीन ने अपने मायके वालों का नाम ऊपर रखा है, जबकि ससुरालियों के नाम लिस्ट में नीचे हैं। इन बातों को लेकर इख्तेलाफ उभर आए हैं।

परवीन आजाद ने रियासती हुकूमत को भी मुश्किल में डाल दिया है। उनकी मांग है कि उन्हें मुआवजे में डीएसपी के बराबरी वाले ओहदे पर ही नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि वह इससे कम पर नहीं मानेंगी। परवीन ने पोस्टमार्टम का विडियो मुहैया कराने की मांग करते हुए कहा कि वह इससे रिपोर्ट का मिलान करेंगी और इसके बाद आगे की मुहिम पर गौर करेंगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीर के दिन देवरिया के नूनखार गांव पहुंच जिया की बीवी परवीन और वालिद को 25-25 लाख रुपये के दो चेक सौंपे थे। इसके अलावा घर के पांच मेम्बरो को सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिया था।

वज़ीर ए आला के लौटने के अगले दिन से ही हुकूमत ने नौकरी देने की जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी। जिला इंतेज़ामिया ने परवीन और डीएसपी के छोटे भाई सोहराब अली के नाम की सिफारिश मंगल को ही कर दी थी और परवीन को बाकी नाम दस्तयाब कराने के लिए कहा गया था।

इत्तेला के मुताबिक, परवीन ने नौकरी के लिए पांच के बजाय आठ लोगों की लिस्ट जिला इंताज़ामिया को दी है। इसी लिस्ट को लेकर परवीन और ससुराल वालों के बीच तकरार है। उन्होंने नौकरी की जो लिस्ट इंतेज़ामिया को दी है, उसमें खुद के अलावा देवर सोहराब अली, अपनी छोटी बहन फरहीन आजाद, बहन के शौहर इस्माइल अहमद, ननद कनीज फातिमा और राजिया खातून, ननद के शौहर मुजीबुर्रहमान और चचेरे देवर रुस्तम अली का नाम शामिल किया है। इसमें जिया के चचेरे भाई रुस्तम का नाम सबसे नीचे है। इसको लेकर भी तनाज़ा है।

जब जिया के वालिद और भाई को इस लिस्ट में शामिल नामों की इत्तेला मिली तो उन्होंने ऐतराज़ जताया है कि नौकरी परवीन के साथ सिर्फ घर वालों को मिलनी चाहिए। इन दोनों के परवीन के मायके वालों के नाम पर ऐतराज़ है।

इनका कहना है कि विरासत का फायदा सिर्फ मक्तूल के घर वालो को मिलना चाहिए।

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