Friday , December 15 2017

..जिसने फलस्तीनियों को दिया जश्न का मौका

अरब आइडल जीतकर गज़ा पट्टी पहुँचे गायक मोहम्मद असफ़ का हज़ारों फ़लस्तीनियों ने दिल खोलकर इस्तेकबाल किया। रफ़ा क्रॉसिंग और ख़ान यूनुस पनाह गज़ीन कैंप के रास्ते पर भारी भीड़ जमा थी। इसी पनाह गज़ीन कैंप में मोहम्मद आसिफ़ रहते हैं।

अरब आइडल जीतकर गज़ा पट्टी पहुँचे गायक मोहम्मद असफ़ का हज़ारों फ़लस्तीनियों ने दिल खोलकर इस्तेकबाल किया। रफ़ा क्रॉसिंग और ख़ान यूनुस पनाह गज़ीन कैंप के रास्ते पर भारी भीड़ जमा थी। इसी पनाह गज़ीन कैंप में मोहम्मद आसिफ़ रहते हैं।

जैसे ही मोहम्मद असफ़ ने अरब आइडल जीता, पूरा फ़लस्तीनी जश्न में डूब गया। अरब आइडल का मुनज़्ज़म लेबनान की राजधानी बेरूत में हुआ था और लाखों लोगों ने इस प्रोग्राम को देखा।

गज़ा से बीबीसी नामानिगार रूश्दी अबू अलूफ़ का कहना है कि सख्त गर्मी के बावजूद सुबह से ही लोग मोहम्मद असफ़ का इस्तेकबाल करने के लिए उनका इंतेज़ार कर रहे थे।

आम तौर पर रफ़ा क्रॉसिंग से मोहम्मद असफ़ के घर तक का सफ़र सिर्फ़ 15 मिनट का है, लेकिन इतनी ज़्यादा हुजूम की वजह से असफ़ को अपने घर पहुँचने में दो घंटे से भी ज़्यादा का वक़्त लग गया।

वहाँ पहुँचने के बाद मोहम्मद असफ़ ने सबका शुक्रिया अदा किया और कहा- आप सब के बिना ऐसा नहीं हो सकता था। सबका शुक्रिया।

23 साला मोहम्मद असफ़ शादी के मौक़े पर गाना गाते थे और कुछ हफ्ते पहले तक उन्हें जानने वाले कम ही थे, लेकिन आज वे फ़लस्तीनी इलाक़े के हीरो बन चुके हैं।

पहले ये ख्याल था कि अरब आइडल प्रोग्राम और इसके मूशिकी का हमास ताइद नहीं करता है, लेकिन मोहम्मद असफ़ जब फ़लस्तीनी इलाके में पहुँचे, तो उनका इस्तेकबाल करने वालों में हमास के आफीसर भी थे।

अरब आइडल के फ़ाइनल में मोहम्मद असफ़ का मुक़ाबला मिस्र के अहमद जमाल और सीरिया के फराह यूसुफ़ के बीच था। लेकिन हफ्ते को हुए फ़ाइनल में उन्होंने जीत हासिल की और फिर शुरू हुआ फ़लस्तीनी इलाक़ों में जश्न का सिलसिला।

बीबीसी नामानिगारों का कहना है कि लंबे अर्से बाद गज़ा में जश्न का ऐसा माहौल देखा गया। लोग सड़क पर निकल आए और आतिशबाज़ियाँ हुईं।

मूशिकी का ये टैलेंट शो मार्च में शुरू हुआ था और टीवी पर इसका नशरियात बेरूत बेरूत वाकेए एमबीसी टीवी चैनल कर रहा था। मोहम्मद असफ़ की पैदाइश लीबिया में हुई थी।

ऐसा पहली बार हुआ है कि गज़ा में रहने वाले किसी शख्स ने कोई Prestigious competition जीती है। सदर महमूद अब्बास समेत कई सियासी शख़्सियतों ने भी लोगों से अपील की थी कि वे मोहम्मद असफ़ की ताइद करें।

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