Tuesday , December 19 2017

जुनूबी एशीया इलाक़े में तसादुमों से तरक़्क़ी मुतास्सिर – डाँक्टर मनमोहन सिंह

नई दिल्ली

नई दिल्ली

साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म डाँक्टर मनमोहन सिंह ने आज कहा है कि इलाक़ा जुनूबी एशीया में तसादुम और सिक्योरिटी के मसाइल से इंसिदाद ग़ुर्बत और फ़रोग़ इंसानी वसाइल में रुकावट पैदा होरही है। साउथ एशीया यूनीवर्सिटी के ज़ेर-ए‍-एहतेमाम एक समीनार को मुख़ातिब करते हुए उन्होंने कहा कि इस इलाक़े में ख़ानाजंगी और सिक्योरिटी के मसाइल आम तरक़्क़ी के एजंडे केलिए एक चैलेंज बन गए हैं और बैन-उल-अक़वामी तसादुमों की रोक थाम के बगै़र तरक़्क़ी का मक़सद हासिल नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बताया कि इलाक़े के बाज़ ममालिक ने ज़बरदस्त मआशी तरक़्क़ी हासिल की है लेकिन पूरे जुनूबी एशीया में ग़रीबों, ग़ैर तालीम-ए-याफ़ता अफ़राद की कसीर तादाद पाई जाती है क्योंकि मआशी तरक़्क़ी के समरात ग़रीबों तक नहीं पहुंच रहे हैं। वाज़िह रहे कि डाँक्टर मनमोहन सिंह ने नवंबर 2005 के 13 वीं सार्क इजलास में साउथ एशीया यूनीवर्सिटी के क़ियाम की तजवीज़ पेश की थी और अब ये यूनीवर्सिटी अमली शक्ल इख़तियार कररही है जहां पर सार्क ममालिक के तलबा मुशतर्का तौर पर तालीम हासिल करेंगे।

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