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जुल्म‌ और नाइंसाफ़ी अब जयादा जारी नहीं रह सकती: एमन्सिटी इंटरनेशनल

लंदन। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा और सलामती कौंसल को आलोच्ना का निशाना बनाते हुए एमन्सिटी इंटरनेशनल ने अपनी एक रिपोर्ट में मुतालिबा किया कि जो मुलक‌ अपने हुक़ूक़ के लिए आवाज़ उठाने वाले हड्तालियों के ख़िलाफ़ ताक़त को इस्तिमाल कर रहे हैं, उन स

लंदन। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा और सलामती कौंसल को आलोच्ना का निशाना बनाते हुए एमन्सिटी इंटरनेशनल ने अपनी एक रिपोर्ट में मुतालिबा किया कि जो मुलक‌ अपने हुक़ूक़ के लिए आवाज़ उठाने वाले हड्तालियों के ख़िलाफ़ ताक़त को इस्तिमाल कर रहे हैं, उन से हथियार बेचने पर पाबंदी के लिए आलमी सतह पर क़ानून बनाया जाय ।

एमन्सिटी की इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के सूबा बलोचिस्तान और शुमाल मग़रिब में शिद्दत पसंद कार्यवाईयों में आम लोगों की हलाकतों, लापता लोगों की अदम बाज़याबी, अक़ल्लीयतों के ख़िलाफ़ मुबय्यना कार्यवाईयों और पिछ्ले बरस क़तल किए गए सहाफ़ीयों के क़ातिलों की अदम गिरफ़्तारी को आलोचना का निशाना बनाया गया है ।

इंसानी हुक़ूक़ की आलमी तंज़ीम एमन्सिटी ने 2012 की अपनी सालाना रिपोर्ट में दुनिया भर में इंसानी हुक़ूक़ की बढ़ती हुई ख़िलाफ़ वरज़ीयों पर चिंता जाहिर‌ करते हुए कहा है कि पिछ्ले साल चीन, शुमाली कोरिया, मशरिक़ वुसता, रूस, जुनूबी सूडान, पाकिस्तान, हिंदूस्तान और अफ़्ग़ानिस्तान समेत दुनिया भर के कई मुल्कों में इंसानी हुक़ूक़ की संगीन ख़िलाफ़ वरज़ीयों और मुज़ाहिरीन के ख़िलाफ़ ताक़त के इस्तिमाल में कोई कमी देखने में नहीं आई।

एमन्सिटी इंटरनेशनल बहर-ए-काहिल की डायरेक्टर ने वाइस ओफ़ अमेरीका से बातचीत करते हुए कहा कि बहुत से एसे देश हैं जो कि सलामती कौंसल के रुकन हैं और आलमी सतह पर हथियारों की सप्लाइ करते हैं।इन के शब्दों में, हमें मालूम है कि ये देश हथियारों की तिजारत केलिए एक मज़बूत आलमी मुआहिदे के हक़ में नहीं लेकिन, इन मस्लों के हल केलिए अपनी कोशिश‌ जारी रखेगी।

रिपोर्ट में तालिबान की तरफ‌ से ख़ुदकुश हमलों में आम लोगों के जानी नुक़्सान, अंदरून-ए-मुल्क बेघर होने वालों के ना मुसाइद हालात, सलमान तासीर और शहबाज़ भट्टी के मज़हब के नाम पर क़तल को भी मौज़ू बेहस बनाया गया है।

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