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जेएनयू विवाद की पाकिस्तान में भी चर्चा

इस्लामाबाद। भारत की जेएनयू यूनिवर्सिटी में उठे बवाल की अब पाकिस्तान में भी चर्चा होने लगी है। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बवाल के जरिए मोदी हुकुमत पर जमकर निशाना साधा है। एक टीवी चैनल ने कहा कि इस मामले के बाद मोदी सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है। कहा गया कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन पर सरकार की प्रतिक्रिया से एक बार फिर मोदी के भारत का बदसूरत चेहरा सामने आ गया है।

एक पाकिस्तानी टीवी चैनल ने जेएनयू विवाद पर बकायदा 15 से ज्यादा मिनट का प्रोग्राम चलाया है। इस प्रोग्राम में कहा कि मोदी सरकार खौफजदा हो हुई है। जेएनयू में उठी आंच से पूरी दिल्ली चपेट में आ गई है। टीवी प्रोग्राम में कहा गया कि जेएनयू में कन्हैया कुमार की गिरफ्तार बाद छिडऩे वाली बहस ने पूरे हिंदुस्तान को अपनी चपेट में ले लिया है। 9 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को फांसी दी गई, जिसे अदालती कत्ल करार दिया जा रहा है। अफजल गुरु की फांसी के बाद कश्मीर से दिल्ली तक निकली रैलियों ने मोदी सरकार की नाक में दम कर रखा है। कांग्रेस और आप सहित कई पार्टी भाजपा के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। हिंदुस्तान में यह बहस छिड़ गई है कि अगर गांधी के हत्यारे की बरसी मनाई जा सकती है तो अफजल गुरु पर इतना बवाल क्यों?

वहीं पाकिस्तान की जानी मानी राजनेता सैयद अबीद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को भारत से गले नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी सत्ता में है तब तक पाकिस्तान को कश्मीर या यथास्थिति की लकीर पर रहना चाहिए। हुसैन ने कहा कि मोदी मुस्लिम विरोधी हैं और इसके साथ ही पाकिस्तान विरोधी भी।

साभार – राजस्थान पत्रिका

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