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जेल में मेरी जान को खतरा: यासीन भटकल

हैदराबाद : जेल में बंद इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के शरीक बानी मोहम्मद अहमद सिद्दिबापा उर्फ यासीन भटकल ने इल्ज़ाम लगाया है कि पुलिस से उसकी जान को खतरा है और उसने 24 घंटे निगरानी की मांग की है।

भटकल, फरवरी 2013 में हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए बम ब्लास्ट का अहम मुल्ज़िम है। इस हमले में 18 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 131 लोग ज़ख्मी हो गए थे। एनआईए के मामलों की खुसूसी अदालत में दायर दरखास्त में भटकल और दूसरे मुल्ज़िमों ने मांग की है कि जेल इंतेज़ामिया को हिदायत दी जाए कि वह 24 घंटे सर्विलांस के लिए सेल में सीसीटीवी कैमरे लगवाए। सभी मुल्ज़िम चेरलापल्ली सेंट्रल जेल में बंद हैं।

भटकल ने इल्ज़ाम लगाया कि तकरीबन पूरे जेल अहाते में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन हाई सिक्युरिटी सेल में कैमरे नहीं लगे हैं जहां वे बंद हैं। भटकल ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे जेल आफीसरान ने जानबूझकर नहीं लगवाए हैं ताकि फर्जी, मनगढ़ंत और गैर हकीकी कहानियां गढ़ी जा सकें।

उसके वकील सैफुल्ला खालिद ने कहा कि दरखास्तगुज़ार की जान को जेल इंतेज़ामिया से खतरा है। खालिद के मुताबिक, यह मामला अदालत के सामने रखा जाएगा।

भटकल के वकील ने बताया कि दरखास्तगुज़ार का यह भी इल्ज़ाम है कि उनको एक बहुत ही छोटे सेल में 24 घंटे रखा जाता है जहां उनको ठीक से खाना, ताजी हवा और सूरज की रोशनी भी नहीं मिल पाती है। इसके सबब उनको बीमारियां हो गई हैं।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते अखबार में खबर आई थी कि भटकल ने जेल से अपनी बीवी को फोन किया और बताया कि वह ‘दमिश्क के अपने दोस्तों ‘ की मदद से जल्द जेल से बाहर आ जाएगा। इसे बिला वास्ता तौर पर आईएसआईएस के जिहादियों से जोड़कर देखा गया।

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