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जे डी (यू) । बी जे पी इत्तेहाद ख़त्म होना तए ,रस्मी ऐलान बाक़ी

नई दिल्ली। 13 जून (पी टी आई) गुजरात के वज़ीर-ए-आला नरेंद्र मोदी को इंतेख़ाबी मुहिम कमेटी के सरबराह बनाए जाने के बाद अब ये धीरे धीरे वाज़िह होता जा रहा है कि बी जे पी और जनता दल (यू) की राहें अलग अलग होजाएंगी। जैसा कि नीतीश कुमार ने पार्टी

नई दिल्ली। 13 जून (पी टी आई) गुजरात के वज़ीर-ए-आला नरेंद्र मोदी को इंतेख़ाबी मुहिम कमेटी के सरबराह बनाए जाने के बाद अब ये धीरे धीरे वाज़िह होता जा रहा है कि बी जे पी और जनता दल (यू) की राहें अलग अलग होजाएंगी। जैसा कि नीतीश कुमार ने पार्टी के सीनीयर क़ाइदीन से एन डी ए में रहने या ना रहने पर सलाह-ओ-मश्वरा शुरू कर दिया है।

गुज़िश्ता शब नीतीश कुमार अपनी पार्टी के सदर शरद यादव और दूसरे आला क़ाइदीन के साथ इस हवाले से तबादलाए करते रहे। तवक़्क़ो है कि इस हवाले से 14 जून के बाद कोई वाज़िह फ़ैसला ले लिया जाएगा। चूँकि चीफ़ मिनिस्टर बिहार 13 और 14 जून को ज़िला कटीहार में सेवा यात्रा प्रोग्राम में शिरकत करेंगे।

इस के बाद ही इस बारे में कोई ठोस फ़ैसला किए जाने का इमकान है। रियास्ती वज़ीर-ए-ज़राअत और जनता दल (यू) के लीडर मिस्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि हम लोगों ने कोर कमेटी में फ़ैसला ले लिया है। बी जे पी अब एक दागदार शख़्स के हाथ में है। हम लोगों को फ़सादी आदमी मंज़ूर नहीं है।

समझ लीजिए कि इत्तेहाद ख़त्म हो चुका है। बस अब रस्मी ऐलान बाक़ी है। हालाँकि पार्टी के क़ौमी सदर शरद यादव ने उसकी तरदीद करते हुए कहा कि अभी पार्टी ने कोई फ़ैसला नहीं लिया है। उन्होंने दो तीन दोनों में इस हवाले से कोई क़तई फ़ैसले की तवक़्क़ुआत ज़ाहिर की है। जनतादल (यू) के एक सीनीयर क़ाइद ने कहा कि जब मोदी को इंतेख़ाबी मुहिम कमेटी का सरबराह बनादिया गया है तो इस बात का क़वी इमकान है कि उन्हें जल्द या बह देर विज़ारत-ए-उज़्मा उम्मीदवार नामज़द किया जा सकता है।

सिर्फ़ तकनीकी एतबार से ऐलान करना बाक़ी है। मज़कूरा क़ाइद ने पटना में बयान देते हुए ये वाज़िह कर दिया कि जनता दल (यू) और बी जे पी के रिश्ता ख़त्म होने के मुकम्मल आसार हैं, इस लिए वज़ीर-ए-आला नीतीश कुमार अपना रुख़ क़बल अज़ वक़्त वाज़िह करदेना चाहते हैं।

नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी के हवाले से अपना मौक़िफ़ पहले ही वाज़िह कर दिया है। वाज़िह रहे कि 243 रुकनी बिहार असेम्बली में जे डी यू के 118 और बी जे पी के 91 अरकान असेम्बली हैं। बी जे पी से रिश्ता ख़त्म होने की सूरत में हुकूमत को बचाने के लिए जे डी (यू) को सिर्फ़ 4 अरकान असेम्बली की हिमायत की ज़रूरत पड़ेगी।

इस के लिए पार्टी की नज़रें कांग्रेस के 4 और दीगर 6 आज़ाद अरकान असेम्बली पर है। जे डी (यू) ,आज़ाद अरकान असेम्बली पवन जयसवाल, वनए बिहारी, ओम प्रकाश सिंह , दलाल चंद गोस्वामी, दिलीप वर्मा और ज्योति गोस्वामी से मुसलसल रब्त में है। दूसरी तरफ़ बी जे पी भी नरेंद्र मोदी के नाम पर किसी की बात सुनने को तैय्यार नहीं। सुशील कुमार मोदी ने जे डी (यू) पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की क़ियादत में पार्टी लोक सभा इंतेख़ाबात में ज़बरदस्त कामयाबी हासिल करेगी।

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