Wednesday , September 19 2018

जो उम्मीदवार पैसा देगा वो आप का सौदा करेगा

हिंदुस्तान में इंतिख़ाबी अमल वक़्त के साथ साथ बड़ा महंगा साबित हो रहा है जिस के पास दौलत और ताक़त हो उसे ही कामयाबी मिल रही है चुनांचे मौजूदा आम इंतिख़ाबात में भी इलेक्शन कमीशन की जानिब से उम्मीदवारों के लिए इंतिख़ाबी मसारिफ़ की हद म

हिंदुस्तान में इंतिख़ाबी अमल वक़्त के साथ साथ बड़ा महंगा साबित हो रहा है जिस के पास दौलत और ताक़त हो उसे ही कामयाबी मिल रही है चुनांचे मौजूदा आम इंतिख़ाबात में भी इलेक्शन कमीशन की जानिब से उम्मीदवारों के लिए इंतिख़ाबी मसारिफ़ की हद मुक़र्रर किए जाने के बावजूद दौलत की रेल पेल का खेल जारी है। मुख़्तलिफ़ असेंबली हल्क़ों में राय दहिन्दों को रक़म और तहाइफ़ दे कर ख़रीदा जा रहा है।

इस ज़िमन में कई मुक़द्दमात दर्ज भी किए जा चुके हैं। रियास्ती चीफ़ इलेक्ट्रॉल ऑफीसर भंवरलाल ने राय दहिन्दों और उम्मीदवारों के इलावा सियासी जमातों से वाज़ेह तौर पर कहा है कि इंतिख़ाबात में राय दहिन्दों की ताईद हासिल करने इन्हें रक़म या तहाइफ़ की शक्ल में रिश्वत की पेशकशी और हुसूल दोनों क़ानूनन जुर्म है जिस के लिए एक साल क़ैद और जुर्माने की सज़ा हो सकती है। इस सिलसिले में रियास्ती इलेक्शन कमीशन की जानिब से राय दहिन्दों को एस एम एस भी किए जा रहे हैं।

राक़िमुल हुरूफ़ ने मुख़्तलिफ़ मुक़ामात पर बुज़ुर्ग शहरीयों, समाजी जहदकारों, नौजवानों से बात की। सब का यही तास्सुर था कि ऐसे उम्मीदवार के हक़ में वोट का इस्तेमाल किया जाना चाहीए जो अवाम की ख़िदमत का जज़्बा रखता हो और शख़्सी मुफ़ादात को बालाए ताक़ रखते हुए क़ौम के मुफ़ादात को तर्जीह देता हो। अवाम को ऐसे उम्मीदवारों के हक़ में अपने वोट का इस्तेमाल करना चाहीए जो अवामी मुफ़ादात की सौदेबाज़ी के गंदे हुनर से नावाक़िफ़ और जज़्बा ख़िदमते ख़ल्क़ से सरशार हो।

इंतिख़ाबात में दौलत की रेल पेल राय दहिन्दों को ख़रीदने के लिए रक़म की तक़सीम की इन में तहाइफ़ बांटने वालों की कोई कमी नहीं। इस बात का एतराफ़ ख़ुद इलेक्शन कमीशन ने किया है कि आंध्र प्रदेश में राय दहिन्दों को राग़िब करने के लिए पार्लीमानी और असेंबली हल्क़ों के उम्मीदवार बड़े पैमाने पर राय दहिन्दों को रिश्वत देने की कोशिश कर रहे हैं।

सियासी जमातों के ज़राए का कहना है कि अगर मुख़ालिफ़ उम्मीदवार 1000 रुपये राय दहिन्दों को दे रहा हो तो दूसरे उम्मीदवार को राय दहिन्दों को रिझाने के लिए 1500 रुपये देने पड़ रहे हैं।

आप को ये जान कर हैरत होगी कि आम आदमी पार्टी की तेलंगाना इंतिख़ाबी मुहिम कमेटी के तर्जुमान एल विशवेश्वर राव का कहना है कि रियासत में इंतिख़ाबी मुहिम के लिए सियासी जमातें 30000 करोड़ रुपये ख़र्च कर रही हैं। बहरहाल रक़म अदा करते हुए वोट ख़रीदने वालों पर भरोसा मत कीजिए क्योंकि ये मुल्क और मिल्लत के मुस्तक़बिल का मुआमला है।

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