Friday , December 15 2017

झारखंड की 39 माइंस पर लग सकता है ताला, सुप्रीम कोर्ट का हुक्म

लीज होल्ड ग्रांट होने के बाद आयरन के कानकुनि की इजाजत देने के सिलसिले में आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को रियासत में लागू किया गया तो सबसे ज़्यादा मुश्किलें स्टील अथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के सामने आएगी। कंपनी के पास 12 माइंस हैं, ज

लीज होल्ड ग्रांट होने के बाद आयरन के कानकुनि की इजाजत देने के सिलसिले में आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को रियासत में लागू किया गया तो सबसे ज़्यादा मुश्किलें स्टील अथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के सामने आएगी। कंपनी के पास 12 माइंस हैं, जिनकी लीज मुद्दत खत्म हो चुकी है। 27 दीगर बड़ी कंपनियों को भी फौरन माइनिंग रोकना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने गुजिशता 16 मई को माइनिंग के सिलसिले में फैसला दिया है कि लीज रिनुअल के लिए दरख्वास्त देने की बुनियाद पर ही माइनिंग नहीं की जा सकती। लीज का हुक्म जारी होने के बाद ही कोई कंपनी माइनिंग करेगी। इस फैसले के बाद उड़ीसा में ऐसी तमाम कंपनियों की माइनिंग पर वहां की रियासती हुकूमत ने रोक लगा दी है। झारखंड में भी कानकुनि महकमा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की बुनियाद पर कानूनी महकमा से इस सिलसिले में राय मांगी थी, जिसमें कानून महकमा ने माइनिंग रोकने का सुझाव दिया है।

42 में 39 कंपनियों की लीज मुद्दत खत्म

रियासत में हुकूमत ने आयरन ओर की माइनिंग के लिए 42 लीज दिए हैं। इनमें सिर्फ तीन कंपनियों की लीज मुद्दत अभी पूरी नहीं हुई है। बाक़ी 39 कंपनियों की लीज मुद्दत पूरी हो चुकी है, जिन्हें अब लीज रेनूअल कराना है। मतलब इन 39 कंपनियों की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। जिन कंपनियों का लीज मुद्दत बाक़ी है, उनमें आनंदिता, रुंगटा की एक माइंस और उषा मार्टिन कंपनी शामिल है।

सरकार को लेना है फैसला

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की रियासती हुकूमत जायजा कर रही है। अब झारखंड हुकूमत को इस सिलसिले में हुक्म जारी करना है। सरकार अब यह देख रही है कि लीज रेनूअल जल्द किया जाए या लीज रेनूअल होने तक माइनिंग बंद करने का हुक्म दिया जाए। इस पर संजीदगी से गौरओखौस किया जा रहा है।

क्या होगा असर

अगर माइंस बंद हो जाती है कि बड़ी तादाद में माइनिंग में लगे हुए लोगों का रोजगार छिन सकता है। बेरोजगारी बढ़ सकती है। करोड़ों का कारोबार मुतासीर हो सकता है और हुकूमत को मिलनेवाली रॉयल्टी भी नहीं मिलेगी।

TOPPOPULARRECENT