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झारखंड के देवघर मंदिर में भगदड़, 11 की मौत, 50 से ज़्यादा जख्मी

देवघर : झारखंड के देवघर में पीर की सुबह मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्‍यादा जख्मी हो गए। भगदड़ बाबाधाम मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर बेलाबगान मंदिर के पास मची। सावन के महीने में पूरे 30 दिन बाबाधाम मंदिर में शिव को पानी चढ़ाने के‍ लिए झारखंड-बिहार समेत मुल्क के कई रियासतों और नेपाल जैसे पड़ोसी मुल्क से हजारों लोग आते हैं। पीर को लोगों की तादाद लाखों में होती है।

कैसे हुआ हादसा

मेन मंदिर से करीब 10 किलोमीटर दूर तक लोगों की लाइन लगी थी। थोड़े-थोड़े देर के मुद्दत पर बैरिकेड खोल कर कुछ तादाद में लोगों को आगे बढ़ने देने की इंतेजाम थी। पीर सुबह करीब पौने पांच बजे जब बैरिकेड खुला तो बेलाबगान बड़ी तादाद में मंदिर के पास लोग अचानक आगे बढ़ने लगे। वे लाइन से अलग हो गए। उन्‍हें कंट्रोल करने के लिए वहां तैनात पुलिस ने हल्‍का लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद लोग बेतहाशा भागे और हादसा हो गया। इस महीने की शुरुआत में भी इसी मंदिर अहाते में भगदड़ हुई थी जिसमें 12 लोग जख्मी हुए थे।

पीर सुबह शिव को पानी चढ़ाने के लिए करीब डेढ़ लाख लोग पहुंचे थे। देवघर के डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि कावड़िए शिव को पानी चढ़ाने के लिए लाइन में लगे हुए थे। लाइन करीब 10 किलोमीटर लंबी थी। लोगों के दरमियान आगे जाने की होड़ लगी थी। इसी दौरान भगदड़ मच गई।

देवघर से बीजेपी एमपी निशिकांत दुबे ने झारखंड और मरकज़ में अपनी ही पार्टी को मंदिर में निजाम के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा, ”मैंने कई बार कहा कि मंदिर में लोगों की सेक्युर्टी निजाम के लिए बुनियादी सहूलत मुहैया कराई जाएं लेकिन इसके लिए फंड नहीं दिए जा रहे हैं। रियासत और मरकज़ हुकूमत को इस बारे में सोचना चाहिए।”

देवघर के इस मंदिर को बैजनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। 2012 में भी यहां भगदड़ मची थी। जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 30 लोग जख्मी हो गए थे। उस वक़्त भी हादसा सुबह 5.30 के करीब ही हुआ था।

 

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