Tuesday , December 12 2017

झारखंड में सरकारी इंतेज़ामीया अमलन मफ़लूज : चिदम़्बरम

नई दिल्ली । 15 मार्च (पी टी आई) वज़ीरे फ़ीनानस पी चिदम़्बरम ने इस बात पर सख़्त अफ़सोस-ओ-तशवीश का इज़हार किया है की झारखंड में सरकारी इंतेज़ामीया अमलन मफ़लूज होगया है और एक मुंतख़ब मुक़न्निना ही उस की दुबारा तामीर करसकती है। मिस्टर चिदम़्ब

नई दिल्ली । 15 मार्च (पी टी आई) वज़ीरे फ़ीनानस पी चिदम़्बरम ने इस बात पर सख़्त अफ़सोस-ओ-तशवीश का इज़हार किया है की झारखंड में सरकारी इंतेज़ामीया अमलन मफ़लूज होगया है और एक मुंतख़ब मुक़न्निना ही उस की दुबारा तामीर करसकती है। मिस्टर चिदम़्बरम ने लोक सभा में झारखंड का बजट बराए साल 2013-14-ए-पेश करते हुए कहा कि मुझे पता चला है की झारखंड के तमाम इदारा जात अमलन मफ़लूज होचुके हैं, जिन्हें सदर राज (के नफ़ाज़) के ज़रीये कारकरद नहीं किया जा सकता बल्कि सिर्फ़ मुंतख़ब मुक़न्निना के ज़रीये ही रियास्ती नज़म-ओ-नसक़ बहाल किया जा सकता है।

बादअज़ां एवान-ए-ज़ेरीं ने 16,800 करोड़ रुपय के सालाना तुख़मीनी मंसूबे को मंज़ूर करलिया। इस रियासत में जहां फ़िलहाल सदर राज नाफ़िज़ है 39,548 करोड़ रुपय के मजमूई मसारिफ़ का तख़मीना किया गया है। मिस्टर चिदम़्बरम ने ऐवान को मतला किया कि झारखंड के गवर्नर ने 23 मार्च को इस रियासत से ताल्लुक़ रखने वाले तमाम अरकान-ए-पार्लीमेंट और वुज़रा का इजलास तलब किया है जिस में इस बात पर ग़ौर किया जाएगा कि सदर राज के दौरान इस रियासत में हुक्मरानी को किस तरह मज़ीद मव‌सर बनाया जा सके।

TOPPOPULARRECENT