Friday , December 15 2017

झारखंड :हर दिन चार लोग कर रहे खुदकशी

झारखंड में हाल के दिनों में खुदकशी करनेवालों की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें शादी-शुदा लोग ज़्यादा हैं। इम्तिहान का मौसम आते ही तल्बा तालिबात में भी खुदकशी करने की रुझान बढ़ जाती है।

झारखंड में हाल के दिनों में खुदकशी करनेवालों की तादाद बढ़ती जा रही है। इनमें शादी-शुदा लोग ज़्यादा हैं। इम्तिहान का मौसम आते ही तल्बा तालिबात में भी खुदकशी करने की रुझान बढ़ जाती है।

झारखंड में औसतन रोजाना चार लोग ख़ुदकुशी कर रहे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्डस ब्यूरो (एनसीआरबी) के अदाद व शुमार के मुताबिक, साल 2014 में रियासत में कुल 1460 लोगों ने ख़ुदकुशी की थी। इनमें 984 मर्द और 476 ख़वातीन शामिल थे। साल 2013 में झारखंड में ख़ुदकुशी करनेवालों की तादाद 1319 थी। इससे वाजेह है कि रियासत में हर साल ख़ुदकुशी करनेवालों की तादाद बढ़ रही है। इसके उल्टा मुल्क में घट रही है। 2013 में मुल्क भर में 135445 लोगों ने ख़ुदकुशी की थी, जबकि 2014 में 134799 लोगों ने।

एनसीआरबी की 2013 की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज़्यादा 180 लोगों (12.3%) ने फैमिली वजूहात से ख़ुदकुशी की। (6.7%) लोगों ने इश्क़ में खुदखुशी की। इसी तरह गैर कानूनी संबंध व नशे के वजह से 60 (4.1%) व 78 (4.6%) लोगों ने ख़ुदकुशी की थी।

घरेलू ख़वातीन की तादाद ज़्यादा

ख़ुदकुशी करनेवालों की पेशे की बात करें, तो सबसे ज़्यादा 193 (13.2%) घरेलू खातून थी। करीब 150 तालिबे इल्म (10.3%) ने ख़ुदकुशी की। ख़ुदकुशी करनेवालों में 139 (9.5%) बेरोजगार थे। अब सामाजिक सुरते हाल पर गौर करें, तो पता चलता है कि ख़ुदकुशी करनेवालों में सबसे ज़्यादा शादी-शुदा लोग हैं. 2014 में 790 शादीशुदा लोगों (54.1 फीसद) ने ख़ुदकुशी की। वहीं, अविवाहितों की संख्या 509 (34.9 प्रतिशत) थी.

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