Tuesday , January 23 2018

झूठ बोल कर लिया गया रेपिस्ट मुकेश का इंटरव्यू

तिहाड़ जेल में डॉक्युमेंट्री की शूटिंग के लिए ब्रिटिश फिल्मसाज़ लेज्ली उडविन को दी गई इज़ाज़त की अंदरूनी जांच में अब खुलासा हुआ है कि उडविन ने होम मिनिस्ट्री और तिहाड़ इम्तेज़ामिया को अंधेरे में रखकर सिर्फ रेप के मुल्ज़िमों के नफसिय

तिहाड़ जेल में डॉक्युमेंट्री की शूटिंग के लिए ब्रिटिश फिल्मसाज़ लेज्ली उडविन को दी गई इज़ाज़त की अंदरूनी जांच में अब खुलासा हुआ है कि उडविन ने होम मिनिस्ट्री और तिहाड़ इम्तेज़ामिया को अंधेरे में रखकर सिर्फ रेप के मुल्ज़िमों के नफसियात पर एक आम फिल्म बनाने के लिए इजाजत मांगी थी.

होम मिनिस्ट्री के एक आफीसर ने बताया, ‘उनका सिर्फ एक मकसद निर्भया मामले के मुल्ज़िम का इंटरव्यू लेना था, जो उन्होंने होम मिनिस्ट्री या तिहाड़ इंतेज़ामिया को मंजूरी लेते वक्त नहीं बताया. उन्होंने तिहाड़ में छह मुल्ज़िमों की शूटिंग की, लेकिन सिर्फ मुकेश के इंटरव्यू को ही डॉक्युमेंट्री में शामिल किया गया.’

इन्फर्मेशन ऐंड ब्रॉडकास्टिंग (आईऐंडबी) सेक्रटरी बिमल जुल्का ने होम सेक्रटरी एल. सी. गोयल को शिकायत की है कि आईऐंडबी और फॉरन मिनिस्ट्रीज से ‘हस्सास मामले’ पर डॉक्युमेंट्री की इजाजत देते वक्त सलाह नहीं ली गई, जैसा कि आमतौर पर गैर मुल्क की उन इज़ाज़तों को मांगने पर किया जाता है जिनके लिए सालसी मंजूरी की जरूरत होती है. होम मिनिस्ट्री के एक दूसरे आफीसर के मुताबिक, ‘अगर उडविन के दरखास्त में निर्भया मामले के मुल्ज़िम से इंटरव्यू का जिक्र होता तो इसकी यकीनी तौर पर ज्यादा जांच की जाती.’

तिहाड़ इंतेज़ामिया को उडविन की ओर से 22 जुलाई, 2013 को दिए ऐप्लिकेशन में सिर्फ ख़्वातीन के खिलाफ ज़ुल्म करने वाले मामलों से जुड़े मुल्ज़िमों से इंटरव्यू’ का जिक्र था. इसे होम मिनिस्ट्री ने दो दिनों में इज़ाज़त दे दी थी. तिहाड़ के सूपरिंटेंडेंट ने 20 अगस्त, 2013 को उडविन को लिखे खत में उन्हें ‘जेल नंबर दो और पांच’ में किसी भी मुल्ज़िम का इंटरव्यू करने की इजाजत देने की तहरीरी रजामंदी नही थी.

इससे पता चलता है कि तिहाड़ इंतेज़ामिया भी इसे एक आम फिल्म मान रहा था. उडविन ने इसके बाद अगले दो महीनों में तिहाड़ में चार-पांच मुल्ज़िमो का इंटरव्यू किया. उन्हें मुकेश के सितंबर में मुल्ज़िम साबित होने के बाद 17 अक्टूबर को ही उससे इंटरव्यू की लिखित इज़ाज़त मिली थी. एक आला ओहदेदार ने कहा, ‘हम उडविन से यह पूछना चाहते हैं कि किसी दूसरे मुल्ज़िम का इंटरव्यू डॉक्युमेंट्री में क्यों नहीं है. वह जांच में शामिल हुए बगैर बुध की रात को हिंदुस्तान से रवाना हो गईं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिंदुस्तान छोड़ने से रोकने के लिए लुक-आउट नोटिस न जारी कर लापरवाही की है.’

उडविन की डॉक्युमेंट्री में दिल्ली की साबिका सीएम शीला दीक्षित, साबिक सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यन, साबिक जस्टिस लीला सेठ, निर्भया मामले की जांच करने वाले दिल्ली पुलिस के दो सीनीयर ओहदेदारों और मुल्ज़िम के खानदान के रुकन के इंटरव्यू भी हैं. इससे पता चलता है कि उडविन सिर्फ निर्भया मामले के मुल्ज़िम का इंटरव्यू करने तिहाड़ गई थीं.

हुकूमत ने इस फिल्म के टेलीकास्ट ( नशरियात) को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन बीबीसी पर इसका असर नहीं पड़ा और उसने बुध की रात को डॉक्युमेंट्री नशर कर दी. एक ज़राये ने बताया कि फॉरन मिनिस्ट्री ने इसे लेकर ब्रिटेन की हुकूमत के सामने सरकारी एहतिजाज दर्ज कराने से इनकार किया है.

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