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टमाटर की क़ीमत में ज़ख़ीराअंदोजी की वजह इज़ाफ़ा की तरदीद

नई दिल्ली, १३ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत ने आज कहा कि टमाटर की चिल्लर फ़रोशी बाज़ार में क़ीमतों में बड़े पैमाने पर उतार चढ़ाओ की वजह मौसमी अवामिल हैं और ताजिरों की जानिब से ज़ख़ीराअंदोजी की वजह से क़ीमतों में कमी बेशी की तरदीद की। वज़ीर तग़ज़िय

नई दिल्ली, १३ दिसम्बर: (पी टी आई) हुकूमत ने आज कहा कि टमाटर की चिल्लर फ़रोशी बाज़ार में क़ीमतों में बड़े पैमाने पर उतार चढ़ाओ की वजह मौसमी अवामिल हैं और ताजिरों की जानिब से ज़ख़ीराअंदोजी की वजह से क़ीमतों में कमी बेशी की तरदीद की। वज़ीर तग़ज़िया-ओ-उमूर सारिफ़ीन के वे थॉमस ने राज्य सभा में वकफ़ा-ए-सवालात के दौरान कहा कि ताजरीन की जानिब से बड़े पैमाने पर टमाटर की ज़ख़ीराअंदोजी की इत्तिला दरुस्त नहीं।

उन्हों ने कहा कि टमाटर और इसी नौईयत के दीगर तर्कारीयों के क़ीमतों में आम तौर पर बड़े पैमाने पर कमी पेशी होती रहती है।

उन्हों ने बताया कि टमाटर की क़ीमत पर मौसमी अवामिल ज़्यादा असरअंदाज़ होते हैं। आम तौर पर ये रुजहान देखा गया है कि सितंबरता नवंबर के दौरान क़ीमतों में ज़्यादा इज़ाफ़ा होता है। ताहम अक्टूबर के आख़िर हफ़्ते से लेकर नवंबर के पहले हफ़्ते तक क़ीमत में कोई इज़ाफ़ा नहीं हुआ।

उन्हों ने एक और सवाल के जवाब में कहा कि टमाटर की क़ीमत में कमी बेशी की वजह ये भी है कि आंधरा प्रदेश में हड़ताल की वजह से सरबराही मुतास्सिर रही जहां टमाटर की ज़्यादा पैदावार होती है। दिल्ली के होलसेल मार्किट में टमाटर की क़ीमत 9 डसमबर को 11 रुपय फ़ी किलो रही जो बढ़ कर 13 रुपय फ़ी केलो तक हो सकती है जबकि गुज़श्ता माह उस की क़ीमत 33 रुपय फ़ी किलो तक भी पहुंच गई थी।

एक और सवाल के जवाब में थॉमस ने कहा कि महिकमा ज़राअत ने महिकमा बाग़बानी के ज़रीया मार्किट मुदाख़िलत स्कीम शुरू की है ताकि क़ीमतों में कमी की सूरत में किसानों के मुफ़ादात का तहफ़्फ़ुज़ किया जा सके। उन्हों ने कहा कि वज़ारत फ़ूड प्रासेसिंग भी एक स्कीम के ज़रीया कोल्ड स्टॊरेज् की तामीर के लिए फंड्स फ़राहम कररही है जिस में टमाटर और दीगर तरकारियां महफ़ूज़ रखी जा सकती हैं।

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